प्रयागराज में फर्जी पत्रकारों के खिलाफ पुलिस का अभियान तेज हो गया है। प्रयागराज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वेलफेयर क्लब की पहल पर यह कार्रवाई शुरू की गई है, जिसके तहत मीडियाकर्मी के भेष में अपराध करने वालों की पहचान कर उन पर शिकंजा कसा जा रहा है। इस अभियान की शुरुआत तब हुई जब क्लब के वरिष्ठ सदस्य और एक निजी चैनल के रिपोर्टर मो. गुफरान के साथ कथित पत्रकार रईस अहमद ने कवरेज के दौरान अभद्रता की। इसके बाद क्लब के पदाधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शाहगंज क्षेत्र में रईस अहमद और उसके भाई के खिलाफ कार्रवाई की। जांच में खुलासा हुआ कि रईस पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह चोरी के आरोप में जेल भी जा चुका है।
इसी कड़ी में गुरुवार को सिविल लाइंस पुलिस ने सोमराज वर्मा नामक एक अन्य कथित पत्रकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उस पर आरोप है कि वह खुद को मीडियाकर्मी बताकर लोगों पर धौंस जमाता था। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ एडिटेड तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालकर खुद को वरिष्ठ पत्रकार के रूप में प्रस्तुत करता था। सोमराज वर्मा के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। हाल ही में उसने पुलिस लाइन में एक प्रेस वार्ता के दौरान अन्य पत्रकारों से अभद्रता की थी और सिविल लाइंस क्षेत्र में क्लब अध्यक्ष को धमकी भी दी थी। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर शहर, गंगानगर और यमुनानगर तीनों जोन में विशेष कमेटियां गठित की गई हैं। इन टीमों का कार्य फर्जी सोशल मीडिया और यूट्यूबर कर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है। इन दो गिरफ्तारियों के बाद उन लोगों में खलबली मच गई है जो माइक आईडी लेकर खुद को पत्रकार बताकर वसूली और दबाव बनाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब थाने स्तर पर भी ऐसे फर्जी पत्रकारों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, प्रयागराज के पत्रकारों ने एकजुट होकर मांग की है कि मीडिया की छवि खराब करने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखी जाए।

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