शाहजहांपुर के जलालाबाद ब्लॉक के सराय साधौ गांव में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सरकारी सामान घर ले जाते हुए ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ा। ग्रामीणों द्वारा वीडियो वायरल करने के बाद कार्यकर्ता को सामान वापस केंद्र में लौटाना पड़ा। कार्यकर्ता किरन देवी केंद्र से कुर्सी-टेबल और अन्य सामान एक ई-रिक्शा में लादकर ले जा रही थीं। वीडियो में किरन देवी ने दावा किया कि वह स्थानांतरण के कारण सामान अपने निजी उपयोग के लिए ले जा रही थीं। ग्रामीणों ने इसे सरकारी संपत्ति की चोरी बताते हुए कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों ने तर्क दिया कि यह सामान बच्चों की पढ़ाई और बाल-चौपाल के लिए है, न कि किसी की निजी संपत्ति। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर की जांच की मांग भी की। बढ़ते विरोध के कारण, किरन देवी को ई-रिक्शा से सारा सामान उतरवाकर वापस केंद्र में रखवाना पड़ा। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि किरन देवी पहले भी इसी केंद्र पर तैनात रहते हुए बच्चों का पोषाहार बेचने के आरोप में पकड़ी जा चुकी हैं। ग्रामीणों ने अपनी सतर्कता के कारण केंद्र का सामान चोरी होने से बचाने का दावा किया। प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया है। जलालाबाद ब्लॉक के सीडीपीओ उत्तम कुमार ने शुक्रवार दोपहर 3 बजे बताया कि सूचना मिलते ही सुपरवाइजर को मौके पर भेजा गया था और सामान को केंद्र पर व्यवस्थित करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र पर स्टॉक सूची का मिलान किया जाएगा और संबंधित कार्यकर्ता से लिखित स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों में सरकारी संपत्ति के प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं। इस संबंध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सराय साधौ गांव निवासी किरन देवी ने शुक्रवार दोपहर 3:40 बजे बताया कि गांव के लोग उन्हें परेशान करने के लिए निराधार आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण केंद्र को खुला नहीं छोड़ते हैं, इसलिए उन्हें सामान ले जाना पड़ा। प्रशासन द्वारा इस मामले में विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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