रामनवमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को पूरा शहर राम को भक्ति में लीन नजर आया। श्रद्धा और भक्ति के इस संगम के बीच जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सरसैया घाट स्थित ऐतिहासिक राम-जानकी मंदिर पहुंचकर भगवान श्री राम की पूजा-अर्चना की। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम के श्री विग्रह का विधि-विधान से जलाभिषेक किया और जनपदवासियों की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा, लेकिन सरसैया घाट पर नजारा खास था। जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर में पहुंचकर शांतिपूर्ण माहौल में पूजन प्रक्रिया संपन्न की। उन्होंने न केवल जलाभिषेक किया, बल्कि आरती में शामिल होकर जिले में अमन-चैन और खुशहाली की कामना भी की। प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच डीएम का यह आध्यात्मिक रूप चर्चा का विषय रहा। ‘राम का जीवन ही सबसे बड़ी सीख’ पूजा के उपरांत जिलाधिकारी ने समस्त जनपदवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि,भगवान श्री राम का जीवन किसी एक युग के लिए नहीं, बल्कि हर कालखंड के लिए प्रेरणास्रोत है। सत्य, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादा के जो आदर्श उन्होंने स्थापित किए, वे आज के दौर में और भी प्रासंगिक हो गए हैं। डीएम ने जोर दिया कि अगर हम उनके बताए रास्ते पर चलते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करें, तो एक आदर्श समाज की कल्पना को सच किया जा सकता है। भाईचारे और सद्भाव का संकल्प जिलाधिकारी ने इस मौके पर एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि,त्योहार केवल अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इनसे हमें आपसी प्रेम और सौहार्द की सीख लेनी चाहिए। उन्होंने जनता से अपील की कि वे समाज में भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लें, ताकि शांतिपूर्ण वातावरण में विकास की गति को आगे बढ़ाया जा सके। रामनवमी के उल्लास के बीच जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। घाटों पर सफाई और सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने की बात कही गई।

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