सहारनपुर के थाना गागलहेड़ी निवासी एक युवक के साथ ऑनलाइन निवेश के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि फेसबुक और व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क कर ठगों ने पहले भरोसा जीता और फिर शेयर ट्रेडिंग व IPO में निवेश का झांसा देकर कुल 15 लाख 69 हजार रुपए हड़प लिए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना सहारनपुर में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित कुलदीप पुत्र नरेश कुमार ने बताया कि 9 जनवरी 2026 को उसके फेसबुक अकाउंट पर “SUPRAINS ASSISTANT” नाम से एक मैसेज आया। इसमें उसे फाइनेंशियल इनवेस्टमेंट से जुड़ने का ऑफर दिया गया। शुरुआत में उसे लगा कि यह किसी व्यवसाय से जुड़ा प्लेटफॉर्म होगा। इसके बाद उससे उसका मोबाइल नंबर लेकर उसे “ECHOES UNDER THE BODHI TREE 98” नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया, जिसमें करीब 200 सदस्य शामिल थे। ग्रुप में रोजाना शेयर ट्रेडिंग और निवेश के प्लान शेयर किए जाते थे। “TATA CONSULTANCY SERVICE AND CAPITAL G” के नाम से 20% से लेकर 300% तक मुनाफा कमाने के दावे किए जा रहे थे। शुरुआत में यह ग्रुप “Katherine Black” नाम की महिला चला रही थी, बाद में “Anika Sharma” नाम की महिला ने संचालन शुरू कर दिया। कुलदीप के मुताबिक, उसने करीब 25 दिन तक ग्रुप की गतिविधियों को देखा और समझने की कोशिश की। इस दौरान उसने कई नंबरों पर कॉल भी की, लेकिन अधिकांश नंबर बंद या नॉट रीचेबल मिले। जब उसने ग्रुप में इस पर सवाल उठाया, तो कुछ दिन बाद उसके पास कॉल आई और उसे भरोसा दिलाया गया कि यह पूरी तरह सुरक्षित निवेश प्लेटफॉर्म है। आरोप है कि कॉल करने वाली महिला ने उसे जॉइंट अकाउंट खोलने का झांसा दिया और कहा कि बिना उसकी अनुमति कोई पैसा नहीं निकाला जाएगा। भरोसा बढ़ाने के लिए उसे एक SEBI रजिस्ट्रेशन नंबर और वेबसाइट का लिंक भी भेजा गया। जब कुलदीप ने उस नंबर को चेक किया, तो वह एक प्रतिष्ठित कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड दिखाई दिया, जिससे उसे यकीन हो गया। इसके बाद उससे एक फॉर्म भरवाया गया, जिसमें आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पता जैसी जानकारी मांगी गई। फॉर्म में गोपनीयता की शर्तें भी लिखी थीं, जिनका उल्लंघन करने पर अकाउंट बंद करने की चेतावनी दी गई थी। कुलदीप ने बताया कि 11 फरवरी को उसने पहली बार 10 हजार रुपए निवेश किए। अगले ही दिन उसे 19 प्रतिशत मुनाफा दिखाया गया। उसने परीक्षण के तौर पर 500 रुपए निकाले, जो उसके खाते में आ भी गए। इससे उसका भरोसा पूरी तरह बन गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे अधिक मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराने शुरू कर दिए। 11 फरवरी से 21 फरवरी के बीच उसने करीब 3 लाख 69 हजार रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठगों ने 400 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर IPO में निवेश कराने की बात कही। कुलदीप का कहना है कि निवेश के बाद उसकी रकम बढ़कर करीब 12 लाख रुपये दिखाई गई। लेकिन जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की, तो पूरी रकम अपने आप दूसरे IPO में ट्रांसफर हो गई। आरोप है कि इसके बाद उससे और पैसे जमा करने का दबाव बनाया गया। उसे बताया गया कि अगर वह 11 लाख 50 हजार रुपये और जमा करेगा, तभी वह अपना पैसा निकाल सकता है। यहां तक कि आरोपियों ने उसे लोन दिलाने का भी ऑफर दिया। कुलदीप ने बताया कि वह झांसे में आ गया और 3 मार्च से 5 मार्च के बीच तीन किश्तों में करीब 12 लाख रुपये और जमा कर दिए। इसके बावजूद जब उसने पैसा निकालने की कोशिश की, तो उससे 20 प्रतिशत सर्विस फीस मांगी गई। यहीं पर उसे ठगी का अहसास हुआ। उसने बताया कि वह एक प्राइवेट नौकरी करता है और यह पूरा पैसा उसने उधार लेकर निवेश किया था। घटना के बाद से वह मानसिक रूप से परेशान है और उसे नींद नहीं आ रही है।

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