शामली जनपद में भारतीय जनता पार्टी के जिला संगठन में उस समय हलचल तेज हो गई, जब जिला मंत्री श्रीपाल आर्य के खिलाफ गंभीर आरोपों के साथ एक शिकायत पत्र प्रदेश नेतृत्व को भेजा गया। शिकायत के साथ कुछ फोटो, वीडियो और दस्तावेज भी लगाएं हैं। शिकायत में विपक्षी नेताओं से कथित साठगांठ, संगठन की छवि धूमिल करने, पद की गरिमा के दुरुपयोग और वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं। यह शिकायत भाजपा नेता और पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सविता की ओर से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महासचिव (संगठन) धर्मपाल सिंह को भेजी गई है। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि श्रीपाल आर्य से जुड़े एस.डी.एस. कॉन्वेंट स्कूल को लेकर कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सपा विधायक निधि से 5 लाख के निर्माण का आरोप शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन की विधायक निधि से करीब 5 लाख रुपये का निर्माण कार्य कराया गया। इस आरोप के समर्थन में कुछ दस्तावेज और लेटरहेड भी प्रदेश नेतृत्व को भेजे गए हैं। पत्र में कहा गया है कि सत्ताधारी दल के पदाधिकारी होने के बावजूद विपक्षी नेताओं से कथित नजदीकी और निजी लाभ के लिए संपर्क संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है। RSS से पदमुक्ति और नियुक्ति पर भी उठाए सवाल शिकायत पत्र में एक और गंभीर दावा किया गया है कि वर्ष 2022 में श्रीपाल आर्य को RSS के जिला बौद्धिक प्रमुख पद से कथित ‘अवैध गतिविधियों’ के कारण पदमुक्त किया गया था। इसके साथ ही वर्तमान भाजपा जिला मंत्री पद पर उनकी नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया और इसमें आर्थिक लेन-देन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय नेतृत्व पर अनदेखी का आरोप शिकायतकर्ता का कहना है कि ये सभी बिंदु पहले ही शामली भाजपा जिला अध्यक्ष रामजीलाल कश्यप के संज्ञान में लाए गए थे, लेकिन उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्थानीय नेतृत्व की चुप्पी के कारण कार्यकर्ताओं में असंतोष और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इससे संगठन के भीतर अनुशासन और विश्वसनीयता पर भी असर पड़ रहा है। प्रदेश नेतृत्व से निष्पक्ष और गोपनीय जांच की मांग प्रदेश अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गोपनीय जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि संलग्न फोटो, वीडियो और दस्तावेजों के आधार पर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। शिकायतकर्ता के पति ईश्वर सिंह ने भी कहा कि वह भाजपा के सक्रिय सदस्य हैं और उनके पास इस मामले से जुड़े सभी जरूरी साक्ष्य मौजूद हैं। कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं का भी मानना है कि संगठन की मजबूती के लिए अनुशासनहीनता और कथित अनैतिक गतिविधियों पर सख्ती जरूरी है। जिला मंत्री बोले- फोटो पुराने, आरोप पूरी तरह निराधार उधर, इन आरोपों पर भाजपा जिला मंत्री श्रीपाल आर्य ने सफाई दी है। उनका कहना है कि शिकायत में जिन फोटो और वीडियो का जिक्र किया गया है, उनमें से सांसद के साथ वाली तस्वीर और वीडियो पुराने हैं और क्षेत्र में एक प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के दौरान के हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक के साथ दिखाई दे रही तस्वीर एक शादी समारोह की है और उसे गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। स्कूल से भी किया इनकार, बोले- यह मेरा संस्थान नहीं श्रीपाल आर्य ने शिकायत में जिस स्कूल का जिक्र किया गया है, उससे भी खुद को अलग बताया है। उनका कहना है कि शिकायत में जिस स्कूल का नाम लिया गया है, वह गढ़ीपुख्ता क्षेत्र का है और उससे उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है।

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