जिलेभर में चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने सैकड़ों कन्याओं और लांगुरों को बैठाकर उन्हें हलवा, पूरी और सब्जी का भोग लगाया। भोग परोसने के बाद बच्चों को उपहार भी दिए गए, जिससे उनके चेहरे खिल उठे। नवरात्रि के अंतिम दिन रामनवमी के अवसर पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। पंडित नरेंद्र शर्मा ने बताया कि चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि को मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मान्यता है कि मां सिद्धिदात्री की आराधना से जीवन के दुखों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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