कौशांबी में एक महिला की प्रयागराज में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर गलत ऑपरेशन और इलाज का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। महिला का इलजा करीब 20 दिन से जारी था। परिजनों के हंगामे के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित नर्सिंग होम को सील कर दिया। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर जांच श झाड़ियां का पूरा निवासी सरिता देवी (30) का प्रयागराज के नर्सिंग होम में इलाज चल रहा था। तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें 6 मार्च को नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद 12 मार्च को स्वस्थ होने का दावा करते हुए उन्हें घर भेज दिया गया था। हालांकि, 15 और 16 मार्च को दवा लेने के बावजूद उनकी परेशानी बनी रही। 18 मार्च को उन्हें दोबारा नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें सराय अकिल के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। अंततः उन्हें प्रयागराज के करेली स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार सुबह उनकी मौत हो गई। इस घटना से नाराज परिजनों ने शव को लेकर नर्सिंग होम के सामने हाईवे पर प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर कौशांबी थाना इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। सरिता देवी अपने पीछे तीन छोटे बच्चे छोड़ गई हैं, जिनमें दो लड़के और एक लड़की शामिल हैं। अस्पताल के डॉ. संकल्प गुप्ता ने बताया कि मरीज को 12 मार्च को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया था। जब उन्हें दोबारा तकलीफ हुई, तो उन्हें बुलाया गया था, लेकिन परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल ले गए। इस मामले में सी.एच.सी. अधीक्षक डॉ. मुक्तेश द्विवेदी ने जानकारी दी कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। टीम ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल को सील कर दिया है। आगे की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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