लखनऊ ठाकुरगंज स्थित संगत बाबा हजाराबाग उदासीन आश्रम में रामनवमी पूरी श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी हरि प्रकाश और महंत स्वामी हरेंद्र मुनि ने कन्या पूजन का भव्य आयोजन किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे आश्रम परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसमें भगवान श्रीराम का स्मरण करते हुए भक्तों ने मंगल कामनाएं की। इसके बाद कन्या पूजन की परंपरा निभाई गई, जिसमें छोटी बालिकाओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका आदर-सत्कार किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं के चरण धोए, माथे पर तिलक लगाया और उन्हें फूल, चुनरी, प्रसाद तथा उपहार अर्पित किए। लोगों को समाज में बेटियों के महत्व को समझने और उन्हें सम्मान देने का संदेश दिया गया। कन्याएं समाज की अमूल्य धरोहर स्वामी हरि प्रकाश ने कहा कि कन्याएं समाज की अमूल्य धरोहर हैं और भविष्य में देश व समाज का नेतृत्व करेंगी। उन्होंने कहा कि उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। समाज को बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुट होकर कार्य करना होगा और आवश्यकता पड़ने पर उनके जीवन के महत्वपूर्ण दायित्वों में भी सहयोग देना चाहिए। उन्होंने इसे नारी सशक्तिकरण, संस्कारों के संरक्षण और सशक्त राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सामाजिक आंदोलन बताया। स्वामी हरेंद्र मुनि ने कहा कि समाज में बेटियों का जितना सम्मान होगा समाज उतना ही सुखी रहेगा। बेटियों से ही हमारे समाज में शांति और खुशहाली है। जो समाज बेटियों को सम्मान और न्याय नहीं दे सकता वहां पर हमेशा अव्यवस्था रहती है। भारतीय संस्कृति में ही महिलाओं को देवी का रूप माना गया है और पूरा सम्मान मिलता है।

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