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गोरखपुर में सपा पर हमलावर हुए संजय निषाद:बोले- छोटी पार्टी को ‘दलाल’ समझने की भूल, उनको सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाई

गोरखपुर में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोला है। इस दौरान उन्होंने कहा कि सपा छोटे दलों को सम्मान देने के बजाय उन्हें “दलाल” समझती थी, यही कारण है कि आज वह सत्ता से बाहर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई छोटे-बड़े दलों को साथ लेकर चल रहे हैं। इसलिए उनकी सरकार मजबूत है। उन्होंने कहा कि जो दल दूसरों को साथ लेकर चलता है, वही आगे बढ़ता है। रुक्मिणी देवी को दी बधाई फूलन देवी की बहन रुक्मिणी देवी को समाजवादी पार्टी की महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि रुक्मिणी देवी अपने समाज के नाम को आगे बढ़ाएं और उन मुद्दों पर काम करें, जिनके लिए फूलन देवी ने संघर्ष किया था। फूलन देवी की मौत पर सवाल उन्होंने यह भी कहा कि फूलन देवी के सपनों को पूरा करना जरूरी है, क्योंकि जब तक समाज को उसका अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक उनकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। डॉ. संजय निषाद ने फूलन देवी की हत्या का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन्होंने सबसे पहले इसकी सीबीआई जांच की मांग की थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि फूलन देवी को अपनी अलग पार्टी बनानी पड़ी और उसके महज 27 दिन बाद उनकी हत्या हो गई। उन्होंने इसे गंभीर और जांच का विषय बताया। डॉ. संजय निषाद ने यह भी कहा कि रुक्मिणी देवी को समाज के मुख्य मुद्दों, खासकर आरक्षण जैसे विषयों पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि निषाद समाज के कई नेताओं की हत्या हो चुकी है। जिनमें फूलन देवी समेत कई नाम शामिल हैं, इसलिए समाज को अब जागरूक होकर अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा कि पहले निषाद समाज को बहला-फुसलाकर वोट लिया जाता था। लेकिन अब समाज जागरूक हो चुका है। आरक्षण के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकार को लागू करने में कानूनी प्रक्रिया होती है और इसमें समय लगता है। अपने बयान में उन्होंने निषाद समाज के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि उनका समाज बहुत पुराना और गौरवशाली रहा है। आजादी की लड़ाई में भी निषाद समाज के लोगों ने योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज अपने हक के लिए आवाज उठाए। लेकिन यह लड़ाई अब हिंसा से नहीं बल्कि बातचीत और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ी जाएगी।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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