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ईरानी विदेश मंत्री अराघची और स्पीकर ग़ालिबफ़ को मारने वाला था इजरायल, पाकिस्तान को लगी इसकी खबर और फिर…

इजराइल ईरान के विदेश मंत्री अरागची और स्पीकर ग़ालिबफ़ की हत्या करना चाहता था। उसके पास उनकी मूवमेंट से जुड़े खुफिया इनपुट भी थे। लेकिन तभी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को इजराइली योजनाओं की जानकारी मिल गई। एक पाकिस्तानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि पाकिस्तान ने अमेरिका को सूचित किया कि अगर इजराइल अब्बास अरागची और ग़ालिबफ़ को मार देता है, तो ईरान में बात करने वाला कोई नहीं बचेगा। ईरान पर कट्टर आईआरजीसी कमांडरों का कब्जा हो जाएगा। इस पर अमेरिका ने हस्तक्षेप किया और इजराइल को अरागची और ग़ालिबफ़ को खत्म करने के लिए किए जा रहे हमलों को रोकने में मदद की। एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि पाकिस्तान के अनुरोध पर इज़राइल ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराकची और स्पीकर मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ को अपनी हिट-लिस्ट से हटा दिया।

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28 फरवरी को जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमला किया, तब से उन्होंने कई शीर्ष ईरानी हस्तियों की हत्या कर दी है, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी, आईआरजीसी प्रमुख मोहम्मद पाकपुर, बासिज बल प्रमुख गुलामरेज़ा सुलेमानी, सैन्य प्रमुख अब्दोलरहीम मूसावी, रक्षा मंत्री अज़ीज़ नासिरज़ादेह और खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब शामिल हैं। इजराइल ने पहले भी कहा है कि नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई और अन्य वरिष्ठ ईरानी नेता अभी भी उनके निशाने पर बने हुए हैं। अरघची और ग़ालिबफ़ के नाम हिटलिस्ट से हटवाने में पाकिस्तान की भूमिका की खबरें ऐसे समय में आई हैं जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) दोनों के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों का लाभ उठाते हुए गुप्त वार्ता शुरू की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और क्षेत्रीय नेताओं से बातचीत की है। उन्होंने अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए इस्लामाबाद को एक उपयुक्त स्थान के रूप में प्रस्तावित किया है।

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ट्रंप ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को अपना 15 सूत्री प्रस्ताव भेजा, लेकिन ईरान ने बुधवार को इसे खारिज कर दिया और अपना खुद का प्रस्ताव पेश किया। अपने प्रस्ताव में ईरान ने अपने राजनेताओं और अधिकारियों की हत्या के लिए इजरायल और अमेरिका द्वारा चलाए जा रहे अभियान को रोकने की मांग की थी। खबरों के मुताबिक, ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वैंस को ईरान के साथ चल रही मध्यस्थता के तहत किसी भी वार्ता में मध्यस्थ के रूप में नामित किया है। हालांकि ट्रंप कथित तौर पर गुरुवार को ही सीधी मुलाकात चाहते थे, लेकिन ईरान अमेरिका के साथ सतर्कता से बातचीत कर रहा है और उसे चिंता है कि अमेरिका और इजरायल उसे गुमराह कर सकते हैं। पिछले साल और पिछले महीने भी, उन्होंने चल रही वार्ताओं के बीच ईरान पर हमला किया था।
Source: Prabha Sakshi via DNI News (Prayagraj)

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