चित्रकूट जिले में पेट्रोल-डीजल का संकट गहरा गया है। जिला प्रशासन पर्याप्त आपूर्ति का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। जिले के कुल 64 पेट्रोल पंपों में से लगभग 15 पर ईंधन पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिससे आम नागरिक, किसान और श्रद्धालु परेशान हैं। दैनिक भास्कर टीम ने स्थिति का जायजा लेने के लिए कई पेट्रोल पंपों का दौरा किया। सीतापुर, भरतकूप, शिवरामपुर, पहाड़ी और शंकर बाजार के आगे स्थित पंपों पर ईंधन उपलब्ध नहीं था। कई स्थानों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लगे थे, जबकि कुछ पंपों पर सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा था। इस संकट का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। जिले में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है, लेकिन डीजल की कमी के कारण किसान हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इससे फसल कटाई में देरी हो रही है, जिससे नुकसान की आशंका बढ़ गई है। धार्मिक नगरी चित्रकूट में दूर-दराज से आए श्रद्धालु भी पेट्रोल-डीजल के लिए भटक रहे हैं। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें लंबी कतारों में खड़े होने के बावजूद पर्याप्त ईंधन नहीं मिल पा रहा है। मानिकपुर, राजापुर और मऊ क्षेत्रों में भी ऐसी ही स्थिति है। इन इलाकों में भी कई पेट्रोल पंप या तो खाली हैं या फिर सीमित आपूर्ति कर रहे हैं। इस मामले में आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो किसानों की फसल और आम जनजीवन दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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