लखीमपुर खीरी: एसपी कार्यालय के स्टेनो गौरव शर्मा पर दो महिलाओं से शादी के आरोपों के मामले में 15 दिन बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। पहले यह जांच सीओ गोला को सौंपी गई थी, जिसे बाद में सीओ धौरहरा को स्थानांतरित कर दिया गया था। पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने मामले को मीडिया में आने के बाद निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सर्किल बदलते हुए सीओ धौरहरा शमशेर बहादुर सिंह को जिम्मेदारी दी थी। हालांकि, जांच अधिकारी की अयोध्या में ड्यूटी लगने के कारण अब तक जांच प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। आरोप है कि स्टेनो गौरव शर्मा ने सहारनपुर निवासी निदा मलिक से लगभग नौ साल पहले झांसा देकर शादी की थी। उन्होंने अपनी पहली शादी और दो बच्चों की जानकारी निदा से छिपाई थी। दूसरी शादी से पीड़िता को एक बच्चा भी हुआ। विवाद बढ़ने पर पीड़िता निदा मलिक ने पुलिस अधीक्षक को रजिस्ट्री भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने कुछ समय तक पीड़िता की रजिस्ट्री को अधिकारियों से छिपाए रखा था। इस संबंध में सीओ धौरहरा शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि जांच शुरू होने से पहले ही उनकी अयोध्या में ड्यूटी लग गई थी। उन्होंने कहा कि 28 या 29 मार्च को लौटने के बाद ही जांच प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। जांच को दूसरे सर्किल में स्थानांतरित करने के बावजूद 15 दिन तक प्रक्रिया शुरू न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। यह गंभीर आरोपों वाले मामले में जांच की धीमी गति पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

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