दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मेरठ से एक बड़े हथियार तस्कर परवेज उर्फ फरु को गिरफ्तार किया है। उसके पास से हथियारों का जखीरा भी मिला है। अफसर की माने तो आगामी विधानसभा चुनाव में इन हथियारों को खपाया जाना था। इस दौरान परवेज की गिरफ्तारी का विरोध भी हुआ लेकिन पुलिस ने उसे बेअसर कर दिया। आईए जानते हैं कौन है परवेज उर्फ फर्रु
वर्ष 2017 में लुधियाना में आरएसएस नेता रविंद्र गोसाई की हत्या कर दी गई थी। नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी उस मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि जिस हथियार से रविंद्र को मारा गया था वह हथियार परवेज के द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। परवेज को गिरफ्तार किया गया था लगभग 4 साल वह पंजाब की जेल में भी रहा। जेल से निकलकर दोबारा शुरू किया कम
पंजाब की नाभा जेल में परवेज 4 साल रहा। इसके बाद उसे जमानत मिल गई। जेल से बाहर आते ही परवेज ने इस अवैध काम को दोबारा शुरू कर दिया। अभी तक की छानबीन में सामने आया है कि परवेज के खालिस्तानी आतंकियों से भी संबंध रहे हैं। उसका कनेक्शन 2024 में दबोचा गए साकिब से भी निकाला है जो हथियार तस्करी में एसटीएफ के द्वारा दबोचा गया था। गुरुवार तड़के स्पेशल सेल ने की करवाई
स्पेशल सेल को कुछ समय पहले एक बड़े हथियार तस्करी के नेटवर्क का पता चला था। इस नेटवर्क से जुड़े कई लोगों को स्पेशल सेल दबोच चुकी है। इन्हीं में शामिल परवेज उर्फ फरु की जानकारी भी मिली इसके बाद स्पेशल सेल ने उसकी घेराबंदी शुरू कर दी। गुरुवार तड़के स्पेशल सेल मेरठ पहुंची और कोतवाली थाना क्षेत्र के शाहघासा सब्जी वाली गली में रह रहे परवेज को दबोच लिया। परवेज के परिजनों ने विरोध भी किया लेकिन स्पेशल सेल की रणनीति के आगे उनकी एक न चाली। विधानसभा चुनाव के लिए रची बड़ी साजिश
अभी तक यह जानकारी मिली है उसके अनुसार परवेज हथियारों की सप्लाई में सम्मिलित था। उसके पास से हथियारों की खेप भी मिली है। यह भी खुलासा हुआ है कि उसके तार राधना के हथियार तस्करों से भी जुड़े हैं। कुछ समय पहले लिसाड़ी गेट के अरशद को भी ऐसे ही एक मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बताया जाता है कि परवेज के अरशद से भी संपर्क थे और वह दोनों मिलकर ही हथियारों की सप्लाई करते आ रहे थे।

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