वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (पूविवि), जौनपुर ने जौनपुर और गाजीपुर के लगभग 180 संबद्ध महाविद्यालयों की अस्थायी और स्थायी मान्यता के नवीनीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र को व्यवस्थित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने निरीक्षण मंडलों का गठन रिकॉर्ड समय में पूरा करके प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों को पीछे छोड़ दिया है। कुलपति प्रो. वंदना सिंह के कुशल निर्देशन में यह उपलब्धि हासिल की गई है। कुलसचिव केश लाल ने निरीक्षण टीमों की सूची विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी है। इस पहल को प्रदेश में अपनी तरह की पहली माना जा रहा है, जहाँ पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल माध्यम का उपयोग किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए लगातार 72 घंटे तक सक्रिय रहा। बुधवार रात तक सभी निरीक्षण मंडलों की रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई। संबद्ध महाविद्यालय प्रबंधन अपनी लॉगिन आईडी के माध्यम से आवश्यक विवरण स्वयं देख और अपलोड कर सकते हैं। संबंधित महाविद्यालयों के लिए 10 अप्रैल तक परिसर का भौतिक सत्यापन कराना अनिवार्य किया गया है। निरीक्षण के दौरान टीमें महाविद्यालयों के आवश्यक अभिलेख, भवन की अधोसंरचना, संकाय व्यवस्था (शिक्षकों की संख्या), पुस्तकालय, प्रयोगशाला और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का गहनता से मिलान करेंगी। यदि कोई संस्थान निर्धारित तिथि तक सत्यापन नहीं कराता है, तो उसकी मान्यता प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

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