डीडीयू रेलवे यार्ड के सिकटिया इलाके में गुरुवार रात्रि एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। आरोप है कि उसका पैर कटने के बाद समय पर इलाज न मिलने के कारण वह करीब ढाई घंटे तक तड़पता रहा। मृतक की पहचान 26 वर्षीय दीपक के रूप में हुई है, जो काली महाल का निवासी था और स्थानीय स्तर पर वेंडर का काम करता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना रात करीब 8:30 बजे हुई। विक्रमशिला एक्सप्रेस यार्ड से रवाना हो रही थी, तभी दीपक उसकी चपेट में आ गया। इस हादसे में उसका एक पैर कट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद घायल युवक को तत्काल अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दीपक मौके पर ही करीब ढाई घंटे तक दर्द से कराहता रहा, लेकिन उसे कोई ठोस राहत नहीं मिली। उनका कहना है कि यदि समय पर उपचार मिलता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। मौके पर मौजूद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कर्मियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरपीएफ ने तत्काल मदद करने के बजाय निष्क्रियता दिखाई, जिससे लोगों में आक्रोश है। जांच के दौरान दीपक के पास से एक फर्जी आईडी कार्ड भी बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि वह शैलेश चौरसिया के स्टॉल पर वेंडर के रूप में काम करता था। इस खुलासे के बाद रेलवे परिसर में अवैध वेंडरों की मौजूदगी पर भी सवाल उठने लगे हैं। घटना की सूचना मिलने पर सभासद प्रतिनिधि नितिन गुप्ता मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया। दीपक की मौत की खबर मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए, जिससे परिवार में शोक का माहौल है।

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