बुलंदशहर की अनूपशहर विधानसभा से विधायक संजय शर्मा तीसरी बार ताल ठोकने की तैयारी कर रहे हैं। छोटी काशी के नाम से मशहूर अनूपशहर में कराए गए करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का दावा कर रहे विधायक को पूरी उम्मीद है कि क्षेत्र की जनता इस बार भी उन्हें लखनऊ दरबार भेजेगी। संजय शर्मा 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में अनूपशहर सीट से भारी मतों से जीतकर लखनऊ पहुंचे। वह पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भरोसेमंद रहे हैं और उनके ओएसडी भी रह चुके हैं। दैनिक भास्कर ने उनसे खास बातचीत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल:पिछले 4 साल के अपने कामकाज को आप 10 में से कितने नंबर देंगे?
जवाब: एक जनप्रतिनिधि के रूप में मैंने पूरा प्रयास किया है कि जो वादे जनता से किए थे, उन्हें पूरा करूं, और काफी हद तक उन्हें पूरा भी किया है। जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरूं और सरकार तक जनता की हर आवाज पहुंचा सकूं। यह काम मैंने काफी हद तक किया है, इसलिए मैं तो अपने आप को 10 में से 10 नंबर ही दूंगा। बाकी इसका फैसला जनता करेगी। सवाल: सबसे बड़ा काम आपने कौन सा कराया?
जवाब: सबसे बड़े कामों की बात करें तो लंबे समय से मांग थी कि सहकारी नगर में बंद पड़ी सूती मिल की जगह औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री से अनुरोध करने के बाद इसे यूपीसीडा को दे दिया गया है। अब बंद पड़ी सूती मिल की जगह औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। यहां बड़ी-बड़ी कंपनियों द्वारा उद्योग लगाए जाएंगे। इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा और विकास की गति तेज होगी। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जिसे आप नहीं करा पाए?
जवाब: मेरी बहुत इच्छा है कि आहार में गंगा नदी पर एक पुल का निर्माण कराया जाए, जो अभी तक नहीं हो पाया है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री से मिलकर लगातार प्रयास कर रहा हूं। इसके न बनने का कारण यह है कि 10 किमी के दायरे में पुल का निर्माण नहीं हो सकता, क्योंकि पिछली कार्ययोजना में पास में ही एक पुल के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। इसके कारण इसमें दिक्कत आ रही है। फिर भी मैं विशेष प्रयास कर रहा हूं कि मुख्यमंत्री की अनुमति के बाद इसका निर्माण हो सके। इसके अलावा अनूपशहर सहकारी चीनी मिल की क्षमता वृद्धि के लिए भी मैं प्रयासरत हूं। इसमें दिक्कत यह है कि आसपास की प्राइवेट चीनी मिलों ने लगातार अपनी क्षमता बढ़ाई है, जिसके कारण इस मिल के पास गन्ने का रकबा काफी कम रह गया है। फिर भी मेरा प्रयास है कि इसकी क्षमता अगर दोगुनी न भी हो पाए, तो कम से कम 2500 से बढ़ाकर 3000 टीसीडी तक की जाए। इसमें करीब 70 से 80 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सवाल: क्या इस बार भी आप टिकट के दावेदार हैं?
जवाब: एक विधायक होने के नाते मुझे अभी लंबे समय तक राजनीति करनी है, इसलिए निश्चित रूप से मैं दावेदारी करूंगा। सवाल: क्या आपको इस बार टिकट मिलेगा?
जवाब: यह फैसला पार्टी करेगी। सवाल: आपके लिए इस बार कार्यकर्ताओं का उत्साह किस प्रकार है?
जवाब: मेरा काम है कि ईमानदारी के साथ जनता के हितों की लड़ाई लड़ता रहूं, विकास कार्यों को गति दूं और क्षेत्र को विकसित करूं। मेरा फोकस इसी पर रहता है। सवाल: यदि आप फिर से विधायक बनते हैं, तो अगले 5 साल में क्या करेंगे?
जवाब: बहुत सारे काम हैं, जिन्हें आगे बढ़ाया जाएगा। लखावटी में कृषि कॉलेज को यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलाने का प्रयास करेंगे, ताकि बुलंदशहर की अपनी एक यूनिवर्सिटी बन सके। सहकारी नगर औद्योगिक क्षेत्र के अलावा लिंक एक्सप्रेसवे पर अनूपशहर-बुलंदशहर मार्ग के लिए एक कट की मांग कर रहे हैं, इसे भी पूरा कराने का प्रयास होगा। इस एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारा विकसित करने की योजना है। इसके अलावा क्षेत्र में डिग्री कॉलेज और इंटर कॉलेज भी खुलवाए जाएंगे। युवाओं को अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं से जोड़ने और मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना से लाभ दिलाने का प्रयास करेंगे।

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