मवैया रेलवे पुल पर गर्डर बदलने के लिए लिए गए मेगा ब्लॉक के दौरान रेलवे की तकनीकी खामी ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) पर शताब्दी एक्सप्रेस को लेकर गलत जानकारी फ्लैश होती रही, जिसके चलते यात्री और उनके परिजन पूरे दिन इधर-उधर भटकते रहे। NTES की गलत जानकारी से बढ़ी परेशानी एनटीईएस पर शताब्दी एक्सप्रेस का अंतिम स्टेशन मानकनगर दिखाया जा रहा था, जबकि ट्रेन को ऐशबाग स्टेशन भेजा गया था। इस गलत सूचना के आधार पर कई यात्रियों के परिजन मानकनगर स्टेशन पहुंच गए, लेकिन वहां ट्रेन न मिलने से अफरा-तफरी मच गई। दोपहर 12:10 बजे के बाद ही पोर्टल पर जानकारी को सुधारा गया, तब तक सैकड़ों यात्री परेशान हो चुके थे। ऐशबाग में यात्रियों से वसूली गई मनमानी रकम जो यात्री किसी तरह ऐशबाग स्टेशन पहुंचे, उन्हें भी राहत नहीं मिली। कुली और ऑटो चालकों ने हालात का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूला। वजीरगंज और आसपास के इलाकों के लिए 300 रुपये तक वसूले गए, जिससे यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली। मेगा ब्लॉक से कई ट्रेनें रद्द, हजारों यात्री प्रभावित रेलवे ने गुरुवार सुबह 7 बजे से रात 12 बजे तक मेगा ब्लॉक लिया था। इसके चलते झांसी इंटरसिटी, मेरठ सिटी राज्यरानी एक्सप्रेस और आगरा फोर्ट इंटरसिटी सहित कई ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया। करीब 12 हजार यात्री इस फैसले से प्रभावित हुए और यात्रा योजनाएं पूरी तरह बिगड़ गईं। स्टेशनों का बदला रूट, सूचना का अभाव मेगा ब्लॉक के चलते कई ट्रेनों को लखनऊ जंक्शन के बजाय ऐशबाग, बादशाहनगर और अन्य स्टेशनों पर शिफ्ट किया गया था। शताब्दी एक्सप्रेस को भी पहले ही आदेश के तहत ऐशबाग भेजा जाना था, लेकिन सही सूचना यात्रियों तक नहीं पहुंच सकी।

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