राजधानी लखनऊ में पोस्टर वार अब खुली सियासी टक्कर में बदल गया है। वीवीआईपी चौराहे पर भाजपा समर्थकों द्वारा लगाए गए ‘ल्यारी राज’ वाले पोस्टरों के जवाब में अब समाजवादी पार्टी भी मैदान में उतर आई है। सपा नेता मोहम्मद इखलाक ने सपा कार्यालय के बाहर और भाजपा कार्यालय के पास पोस्टर लगाकर पलटवार किया है, जिससे शहर का राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है। ‘ल्यारी राज’ बनाम ‘विकास मॉडल’, पोस्टरों में सियासी नैरेटिव की लड़ाई भाजपा समर्थकों द्वारा लगाए गए पोस्टरों में सपा के 2012–2017 के शासनकाल को ‘ल्यारी राज’ बताते हुए अपराध और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन के आरोप लगाए गए थे। इसके जवाब में सपा नेता मोहम्मद इखलाक ने पोस्टर लगाकर लिखा, “समाजवादी का विकास ना भूले हैं, ना भूलेंगे।” पोस्टर के जरिए सपा ने अपनी सरकार के विकास कार्यों को सामने रखकर भाजपा के आरोपों को चुनौती दी है। रिवर फ्रंट से लैपटॉप योजना तक, सपा ने गिनाईं उपलब्धियां सपा द्वारा लगाए गए पोस्टरों में गोमती रिवर फ्रंट, 108 एम्बुलेंस सेवा, फ्री लैपटॉप योजना समेत कई योजनाओं का जिक्र किया गया है। इन योजनाओं के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सपा सरकार का कार्यकाल विकास और जनकल्याण पर केंद्रित रहा, न कि अपराध पर। सपा का पलटवार, भाजपा पर ब्राह्मण अपमान के आरोप इस पोस्टर वार के बीच सपा प्रवक्ता अभिषेक बाजपेई ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और उनके ही नेताओं के बयान ब्राह्मण समाज के अपमान से जुड़े रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी और शंकराचार्य से जुड़े बयानों का हवाला देते हुए भाजपा को घेरा और कहा कि सपा ने हमेशा ब्राह्मण समाज का सम्मान किया है। राजधानी में बढ़ी सियासी गर्मी, पोस्टर बने नया हथियार लगातार लग रहे पोस्टरों ने लखनऊ की सियासत को गरमा दिया है। अब यह लड़ाई केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि पोस्टरों के जरिए जनता के बीच अपनी-अपनी राजनीतिक कहानी पेश करने की कोशिश हो रही है। आने वाले दिनों में यह पोस्टर वार और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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