लखनऊ में मंच कला का शानदार नज़ारा देखने को मिला, जब सूर्या थिएटर कल्चरल आर्ट्स सोसाइटी की ओर से हास्य नाटक ‘गोरखधंधा’ का मंचन किया गया। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का निर्देशन विवेक मिश्रा ने किया। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के प्रेक्षागृह में हुए इस मंचन ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। नाटक की कहानी एक चतुर और व्यंग्यपूर्ण अंदाज में बुनी गई है, जो धोखे और नैतिकता के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें एक धूर्त प्रॉपर्टी डीलर और उसके चालाक नौकर की कहानी दिखाई गई है, जो अवैध तरीके से मकानों को किराए पर देने का खेल खेलते हैं। उनकी यह चालाकी तब उलझ जाती है, जब नई किरायेदार गीता की एंट्री होती है और मामला मकान मालिक गुप्ता जी तक पहुंच जाता है। किरदार अपने ही झूठ और धोखे में उलझ जाता है इसके बाद कहानी में ऐसा दिलचस्प मोड़ आता है, जहां हर किरदार अपने ही झूठ और धोखे में उलझ जाता है। यही स्थिति नाटक को और भी मजेदार बना देती है और दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर देती है।मंच पर कलाकारों ने अपने अभिनय से जान डाल दी। प्रणव श्रीवास्तव, राहुल मिश्रा, मुस्कान सोनी, हिमांशु जायसवाल, प्रमोद सहाय और किशन ने अपने किरदारों को पूरी ऊर्जा और स्वाभाविकता के साथ निभाया। सभी कलाकारों की टाइमिंग और संवाद अदायगी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। कलाकारों ने दमदार अभिनय किया पर्दे के पीछे भी टीम ने शानदार काम किया। रमा जायसवाल, सूर्या, मुन्नी, ज्ञानवती, उषा और तमाल बोस ने सेट, प्रॉप्स और लाइटिंग को बेहतरीन तरीके से संभाला, जिससे हर दृश्य प्रभावी बन सका।दृश्यों के बीच सहज बदलाव और पात्रों के बीच तालमेल ने नाटक को और सशक्त बनाया। शुरुआत से अंत तक दर्शक अपनी सीटों पर जमे रहे और हर सीन का भरपूर आनंद लेते नजर आए।

Leave a Reply