धर्मनिरपेक्ष भारत में किसी भी व्यक्ति द्वारा यह दावा करना गलत है कि कोई विशेष धर्म ‘एकमात्र सच्चा धर्म’ है। क्योंकि ऐसा करने से अन्य धर्मों का अपमान होता है। यह टिप्पणी हाईकोर्ट ने की है।
धर्मनिरपेक्ष भारत में किसी भी व्यक्ति द्वारा यह दावा करना गलत है कि कोई विशेष धर्म ‘एकमात्र सच्चा धर्म’ है। क्योंकि ऐसा करने से अन्य धर्मों का अपमान होता है। यह टिप्पणी हाईकोर्ट ने की है।
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