आजमगढ़ कोर्ट ने माफिया मुख्तार अंसारी के गुर्गे रहे श्याम बाबू पासी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कातिलाना हमले के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने उसे दोषी करार दिया है। 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश जैनुद्दीन अंसारी ने गुरुवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा सुबेदार यादव पुत्र श्यामधारी यादव निवासी अचलपुर, थाना सरांयमीर, 28 मार्च 2014 को दुकान बंद कर घर जा रहा था। तभी रास्ते में श्याम बाबू पासी निवासी वीरपुर, थाना मेहनगर ने वादी को जान से मारने की नीयत से गोली मारकर गम्भीर रुप से घायल कर दिया। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी के विरूद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। 10 गवाहों ने दी गवाही अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह व निर्मल कुमार शर्मा ने कुल दस गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी
श्याम बाबू पासी को दस वर्ष के सश्रम कारावास व दस हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। आरोपी श्याम बाबू पासी इस समय बुलन्दशहर जेल में बंद है। हत्या के एक केस में पहले भी हो चुकी 10 वर्ष की सजा कभी माफिया मुख्तार के शूटर रहे श्याम बाबू पासी को 8अप्रैल 2024 को जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 7 रमेश चंद्र ने 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। श्याम बाबू पासी पर आरोप था कि मऊ जिले के चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के कमालुद्दीनपुर के रहने वाले राम प्रसाद वर्मा 5 अगस्त 2013 को अपने परिवार के साथ दुकान से घर जा रहे थे। रास्ते में चार अज्ञात बदमाशों ने राम प्रसाद वर्मा पर नजदीक से जान से मारने की नीयत से गोली चला दी थी। इस मामले में राम प्रसाद की पत्नी प्रेमशिला ने जहानागंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 2022 में भी सुनाई गई थी 8 वर्ष की सजा
श्याम बाबू पासी को 2014 के एक केस में भी 6 सितंबर 2022 को 8 वर्ष की सजा हो चुकी है। जिले के तरवा थाना क्षेत्र के एराकला में सड़क निर्माण के दौरान की गई गोलीबारी में मजदूर की मौत हो गई थी। इस मामले में श्याम बाबू पासी को 6 सितंबर को 8 वर्ष की सजा सुनाई गई थी। इसके साथ इस मामले में आजमगढ़ जिले की पुलिस ने आरोपी की स्कॉर्पियो जो की पत्नी सावित्री के नाम से खरीदी गई को जब्त कर लिया गया था।

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