ललितपुर में पेट्रोलियम पदार्थों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। गुरुवार को पुलिस लाइन स्थित हॉल में राज्य मंत्री मनोहर लाल पंथ और सदर विधायक रामरतन कुशवाहा की मौजूदगी में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने पेट्रोल पंप संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीजल-पेट्रोल की कालाबाजारी, ओवररेटिंग या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नए नियमों के अनुसार, अब किसी भी पेट्रोल पंप से बोतल, केन या ड्रम में पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। पेट्रोल केवल वाहनों में ही भरा जा सकेगा। कृषि कार्यों के लिए किसानों को अधिकतम 20 लीटर डीजल मानक कंटेनर में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए पंप संचालक को ग्राहक का आधार कार्ड, नाम, पता और मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। एक ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग केन में डीजल नहीं मिलेगा। सभी पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने होंगे, ताकि तेल भरने के स्थान की स्पष्ट रिकॉर्डिंग हो सके। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पेट्रोल पंपों पर दो-दो पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, जनपद के सभी 28 बॉर्डर पॉइंट्स पर पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है, ताकि जिले से तेल की तस्करी रोकी जा सके। उपजिलाधिकारी (SDM) और पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) को अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सेल ऑफिसर ने आश्वस्त किया कि जनपद में पेट्रोलियम पदार्थों के स्टॉक की कोई कमी नहीं है और टर्मिनल से लगातार आपूर्ति जारी है।

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