नवरात्रि की नवमी तिथि पर लखनऊ के चौक स्थित मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। नवदुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी के दर्शन के लिए सुबह से ही लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने लंबी कतारों में लगकर माता के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के महंत विवेकानंद गिरी ने बताया कि अष्टमी और नवमी के विशेष अवसर पर प्राचीन परंपरा के अनुसार करीब 2500 वर्ष पुरानी अष्टधातु से निर्मित भगवती की प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। इस दुर्लभ प्रतिमा को दो दिनों के लिए गर्भगृह में स्थापित कर भक्तों के दर्शनार्थ रखा गया है। यह परंपरा चैत्र और अश्विन नवरात्रि की अष्टमी और नवमी को वर्षों से निभाई जा रही है। अष्टधातु की प्रतिमा विश्व में अत्यंत दुर्लभ महंत विवेकानंद गिरी, कमलानंद बाबा, विधायक नीरज बोरा, अपर्णा यादव और भाजपा नेता अभिजात मिश्रा सहित कई गणमान्य लोगों ने अभिषेक कर प्रतिमा की स्थापना की। उन्होंने बताया कि यह अष्टधातु की प्रतिमा विश्व में अत्यंत दुर्लभ मानी जाती है और इसका पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व है। मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा श्रद्धालुओं का मानना है कि मां के इस स्वरूप के दर्शन मात्र से कष्टों का निवारण होता है। यही कारण रहा कि पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। देर रात मंदिर परिसर में अष्टमी हवन भी विधिवत संपन्न कराया गया।इस दौरान प्रांशु दत्त द्विवेदी, नैमिष त्रिपाठी, अंशुल विद्यार्थी और विनय प्रताप सिंह सहित कई प्रमुख लोगों ने भी दर्शन किए। मंदिर की व्यवस्था संभालने में प्रकाश सिंह, राहुल सारस्वत, तुषार वर्मा, आदर्श महाराज, देवराज सिंह, शिवम पंडित, दीप प्रकाश, वैभव सिंह, शिवा निषाद और मेघांश समेत कई सेवक सक्रिय रहे।

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