कानपुर में घाटमपुर थाना क्षेत्र के जहांगीराबाद में नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्तों ने जवारे निकाले। बस्ती से उठाकर कानपुर-सागर राज्यमार्ग होते हुए राहमपुर रोड स्थित मां काली शक्ति पीठ पहुंचे। यहां युवाओं ने अपनी सांग उतरवाई। इसके बाद मां के चरणों मे मत्था टेककर आशीर्वाद लिया है। जहांगीराबाद गांव में सन 1975 में इस कार्यक्रम की शुरूआत हुई थी। इसकी शुरुआत यहां रहने वाले सुंदर, मुंशी, मनियां, अगनु, रज्जू सीताराम विश्वकर्मा लोकनाथ चौहान ने की थी। इसके बाद हर साल यह कार्यक्रम धूमधाम के साथ मनाया जाता है। यहां युवतियां अपने सिर पर आस्था के जवारे रखकर मां काली शक्ति पीठ तक जाती है। वहीं, युवक और युवतियां अपने मुह में आस्था की सांग लगवाते हैं, जिन्हें लगवाकर युवक मां काली शक्ति पीठ पहुंचकर सांग को उतारकर मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। जवारे जहांगीराबाद गांव स्थित बस्ती से उठकर कानपुर-सागर राज्यमार्ग होते हुए राहमपुर रोड स्थित रेलवे क्रासिंग के पास मां काली शक्ति पीठ पर जाकर समापन होता है। इसके बाद यहां मेला का आयोजन होता है। यहां मेला देखने आसपास गांव के लोग आते हैं। गांव निवासी अश्वनी कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रतिवर्ष धूमधाम के साथ कार्यक्रम मनाया जाता है। बताया कि इस कार्यक्रम से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। हाइवे पर आधा घंटे ठहरा यातयात के चलते कानपुर सागर हाइवे पर आधा घंटे यातयात ठहरा रहा। घाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर पतारा चौकी इंचार्ज ललित शर्मा समेत पुलिस बल तैनात रहा। जवारा निकलने के दौरान पुलिस ने कानपुर सागर हाइवे पर ट्रैफिक व्यवस्था को संभाला।
घाटमपुर क्षेत्र के जहाँगीराबाद गांव में नवरात्रि के पावन पर्व पर भक्तों के द्वारा प्रतिवर्ष की तरह धूमधाम के साथ जवारे निकाले गए। जवारे बस्ती से उठकर कानपुर-सागर राज्यमार्ग होते हुए राहमपुर रोड स्थित माँ काली शक्ति पीठ पहुंचे जहां युवाओं ने अपनी सांग उतरवाई। जिसके बाद माँ के चरणों मे मत्था टेककर आशीर्वाद लिया है।
जहाँगीराबाद गांव में सन 1975 में इस कार्यक्रम की शुरूआत गांव निवासी सुंदर, मुंशी, मनियां, अगनु, रज्जू सीताराम विश्वकर्मा लोकनाथ चौहान ने की थी। जिंसके बाद प्रतिवर्ष यह कार्यक्रम धूमधाम के साथ मनाया जाता है। यहां युवतियां अपने सिर पर आस्था के जवारे रखकर माँ काली शक्ति पीठ तक जाती है। वहीं युवक और युवतियां अपने मुह में आस्था की सांग लगवाते है। जिन्हें लगवाकर युवक माँ काली शक्ति पीठ पहुंचकर सांग को उतारकर माँ का आशीर्वाद प्राप्त करते है। जवारे जहाँगीराबाद गांव स्थित बस्ती से उठकर कानपुर-सागर राज्यमार्ग होते हुए राहमपुर रोड स्थित रेलवे क्रासिंग के पास माँ काली शक्ति पीठ पर जाकर समापन होता है।जिसके बाद यहां मेला का आयोजन होता है। यहां मेला देखने आसपास गांव के लोग आते हैं। गांव निवासी अश्वनी कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रतिवर्ष धूमधाम के साथ कार्यक्रम मनाया जाता है। बताया कि इस कार्यक्रम से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है।
हाइवे पर आधा घंटे ठहरा यातयात
जुलूस के चलते कानपुर सागर हाइवे पर आधा घंटे यातयात ठहरा रहा। घाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर पतारा चौकी इंचार्ज ललित शर्मा समेत पुलिस बल तैनात रहा। जवारा निकलने के दौरान पुलिस ने कानपुर सागर हाइवे पर ट्रैफिक व्यवस्था को संभाला।

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