मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के बीच खींचतान में अब एक और नया विवाद सामने आया है। नगर निगम प्रशासन ने जिन 10-10 लोगों को संदिग्ध बताते हुए बवाल की आशंका जताई थी, इनमें से 6 लोग खुलकर सामने आ गए हैं। अपना परिचय देते हुए नगर निगम प्रशासन और नगर आयुक्त की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। मेयर के भतीजे/प्रतिनिधि ने 6 लोगों के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए नगर आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा है-नगर आयुक्त अब जनप्रतिनिधियों के घर के लोगों को टारगेट कर रहे हैं। सभी पार्षद और जनप्रतिनिधि ऐसे भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं…खोल देना चाहिए…कोई बुराई नहीं है…शासन हमारा है। अब विस्तार से पढ़िये…
नगर निगम प्रशासन ने 25 मार्च को जिन 10 से 15 लोगों को संदिग्ध बताते हुए नगर निगम में उपद्रव फैलाने की आशंका जताकर थाने में तहरीर दी थी, उनमें से 6 लोग सामने आए हैं। उन्होंने नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल और नगर निगम प्रशासन पर सवाल खड़ा किया है। सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा है-हम संदिग्ध नहीं हैं। नगर निगम प्रशासन ने भ्रामक जानकारी फैलाई है। कहा है-नगर निगम प्रशासन के इस कृत्य से हमारे मान-सम्मान को ठेस पहुंची है। हम संदिग्ध नहीं हैं, हम जिम्मेदार लोग हैं। जनता के किसी न किसी काम से नगर निगम कार्यालय आना-जाना लगा रहता है। नगर आयुक्त की निंदा करते हुए कहा-जनप्रतिनिधियों के घर-परिवार और रिश्तेदारों को ही टारगेट कर रहे हैं। अब उन 6 लोगों के बारे में जानिये, जिन्हें नगर निगम ने संदिग्ध माना
1. अमर डागौर
जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश नगर निगम जलकल विभाग
कर्मचारी संघ, महानगर आगरा 2. गोगा मौर्या
पार्षद पुत्र वार्ड-25 गढ़ी भदौरिया
महानगर उपाध्यक्ष (युवा मोर्चा) महानगर आगरा 3. गोविंद कुशवाह
पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड-25
महानगर उपाध्यक्ष (युवा मोर्चा) 4. अपूर्व शर्मा
पार्षद पुत्र/प्रतिनिधि, वार्ड-96
पीसीसी सदस्य, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी 5. हर्ष दिवाकर
मेयर प्रतिनिधि/जिला उपाध्यक्ष, अनुसूचित मोर्चा 6. मनोज चौहान
पार्षद पुत्र, वार्ड-50 रामबाग अब पढ़िये मेयर के भतीजे ने क्या कहा?
मेयर के भतीजे/प्रतिनिधि हर्ष दिवाकर ने अपने साथ 5 अन्य लोगों को बैठाकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया है। उन्होंने कहा-हम लोग नगर निगम प्रशासन हमें टारगेट कर रहा है, इसलिए हम एकत्रित हुए हैं। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल द्वारा एक तहरीर दिलवाई गई, जिसमें बताया गया कि हम लोग संदिग्ध हैं और बवाल की आशंका से नगर निगम में आए। कहा-सभी जिम्मेदार लोग हैं
हर्ष दिवाकर ने कहा-पहली बात ये है कि मेरे जितने भी साथी हैं, उन्होंने अपना परिचय दिया। सभी जनप्रतिनिधियों के सहयोगी, भाई, भतीजा हैं। 24 घंटे सक्रिय रहने वाले लोग हैं। हम लोग नगर आयुक्त के संज्ञान में एक बात लाना चाहते हैं, अगर कोई चुनी महिला प्रदेश में…देश में अकेली नहीं चलती है। उसका भाई, भतीजा या सहयोगी साथ चलता है। इस तरह का माहौल नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल द्वारा नगर निगम में जो फैलाया जा रहा है, हम उसकी निंदा करते हैं। हम कोई संदिग्ध नहीं हैं, हमारा एक परिचय है। हम पार्टी से संबंध रखते हैं…हम पार्टी की विचारधारा को मानते हैं लेकिन नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल द्वारा लगातार जनप्रतिनिधियों के घर के लोगों को टारगेट कर रहे हैं। सभी पार्षद और जनप्रतिनिधि को ऐसे भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ जो भी मोर्चा खोल सकते हैं, खोल देना चाहिए…कोई बुराई नहीं है…शासन हमारा है। हम अपने भाजपा के पदाधिकारियों के साथ नगर आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए तत्पर हैं। जानिये क्या था मामला?
23 मार्च को मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह की मौजूदगी में नगर निगम सदन में बैठक हुई थी। इस बैठक में नगर निगम के अधिकारी नहीं पहुंचे थे। इससे गुस्साए पार्षदों ने नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल और नगर निगम के अन्य अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया था। बैठक में अधिकारियों पर विकास कार्य न कराने का आरोप लगाया गया था।
इसके बाद नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी निंदा प्रस्ताव के विरोध में आ गए। उन्होंने 24 मार्च को काली पट्टी बांधकर काम किया। विरोध जताते हुए निंदा प्रस्ताव का खंडन किया। सीसीटीवी फुटेज निकाले जा रहे
नगर निगम प्रशासन ने 23 मार्च के सीसीटीवी फुटेज अलग कर लिए हैं। इनकी गहनता से जांच कराई जा रही है। नगर निगम प्रशासन का दावा है-23 मार्च को नगर निगम आगरा की प्रस्तावित सदन बैठक को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। बैठक के दौरान 10 से 15 संदिग्ध और अज्ञात लोगों की एंट्री हुई थी, जिनके बारे में आशंका जताई जा रही है कि वे किसी प्रकार के उपद्रव की योजना के तहत वहां पहुंचे थे। हथियार लेकर पहुंचने की आशंका
नगर निगम प्रशासन के अनुसा, इन संदिग्ध लोगों के पास हथियार होने के भी संकेत मिले हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल से भी जांच में जुट गई हैं। नगर निगम प्रशासन द्वारा बैठक स्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिसमें कई संदिग्ध चेहरों की पहचान किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
कहा गया है कि इन बाहरी लोगों को विशेष रूप से बैठक के दौरान बवाल कराने के लिए बुलाया गया था। लेकिन अधिकारियों और जिम्मेदार पदाधिकारियों के समय पर बैठक में नहीं पहुंचने के कारण कथित साजिश पूरी तरह से नाकाम हो गई। हरीपर्वत थाने में दी तहरीर
इस पूरे घटनाक्रम के बाद नगर निगम प्रशासन सतर्क हो गया है। इस मामले में थाना हरीपर्वत में सहायक अभियंता जीवेक की ओर से तहरीर दी गई है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Leave a Reply