चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल ‘राम शैया’ के विकास के लिए शासन ने 1.71 करोड़ रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना का उद्देश्य पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करना और आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाना है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) ने कुल 176.13 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था। इसमें से जीएसटी सहित 171.94 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। परियोजना के लिए पहली किश्त के रूप में 25 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं। इस परियोजना के तहत राम शैया क्षेत्र में कई निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें बहुउद्द्देशीय हॉल, शौचालय ब्लॉक, यात्री शेड और स्वागत द्वार का निर्माण शामिल है। पर्यटकों की सुविधा के लिए बेंच, डस्टबिन, वाटर कूलर और साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। स्थल की सुंदरता बढ़ाने के लिए म्यूरल आर्ट और लैंडस्केपिंग भी की जाएगी। सौंदर्यीकरण के कार्यों में कोटा स्टोन फ्लोरिंग, पेवर ब्लॉक, रेलिंग और प्लांटर प्लेटफॉर्म का निर्माण भी शामिल है। विद्युत और प्लंबिंग कार्यों के तहत आंतरिक व बाहरी प्रकाश व्यवस्था, जल आपूर्ति, सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम को सुधारा जाएगा। इसके अतिरिक्त, उद्यानिकी कार्य और वृक्षारोपण के माध्यम से क्षेत्र को हरा-भरा और आकर्षक बनाया जाएगा। परियोजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सभी कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप कराए जाएंगे। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल निर्धारित कार्यों के लिए ही किया जाए। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां और पर्यावरणीय स्वीकृतियां प्राप्त की जाएंगी। परियोजना की नियमित निगरानी भी की जाएगी ताकि कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो सके। इस योजना के लागू होने से चित्रकूट में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। ‘राम शैया’ स्थल एक महत्वपूर्ण और आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।

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