वाराणसी समेत 11 जनपद के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे इन दिनों बंगलुरू में विशेष शैक्षणिक भ्रमण पर हैं। ये 22 छात्र-छात्राएं राष्ट्रीय आविष्कार अभियान में चयनित हुए थे। इसके क्रम में उन्हें फ्लाइट से बंगलुरू ले जाया गया है। गुरुवार को शिक्षकों की मौजूदगी में यह सभी बच्चे ISRO में पहुंचे थे। यहां पर मिशन चंद्रयान के बारे में बारीकी से जानकारी ली।
यहां विद्यार्थियों ने उपग्रह निर्माण की जटिल एवं रोचक प्रक्रिया को निकट से देखा तथा समझा। इस दौरान चंद्रयान-2 एवं चंद्रयान-3 मिशनों की तैयारी, सैटेलाइट के विभिन्न मूल घटकों एवं उनकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी हासिल की। इसरो के वैज्ञानिकों द्वारा वीडियो प्रेजेंटेशन एवं संवाद सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें भविष्य में विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया गया। जवाहरलाल नेहरू प्लैनेटरियम का किया भ्रमण
विद्यार्थियों ने विश्वेश्वरैया इंडस्ट्रीयल एंड टेक्नोलॉजिकल म्यूजियम, इंटरनेशनल फिश एक्वेरियम, बेंगलुरु एवं जवाहरलाल नेहरू प्लैनेटेरियम का शैक्षिक भ्रमण किया। इन संस्थानों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विविध आयामों को प्रत्यक्ष रूप से देखकर विद्यार्थियों में अद्भुत उत्साह एवं जिज्ञासा का संचार हुआ। उन्होंने वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप में समझा, जिससे उनके अधिगम को सुदृढ़ता प्राप्त हुई। दरअसल, पिछले दिनों सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), वाराणसी मंडल, हेमंत राव द्वारा हरी झंडी दिखाकर छात्र-छात्राओं के दल को लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट, बाबतपुर से बंगलुरु के लिए रवाना किया गया था। नोडल अधिकारी बनाए गए स्कंद गुप्त की देखरेख में रितेश कुमार सिंह (एसआरजी), नीलम राय एवं मनीषी श्रीवास्तव भी इस यात्रा में शामिल हैं।

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