बलरामपुर में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी पर सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में भुजवा मेला उमड़ा। भुर्जी समाज के हजारों श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पूरी कर माता पाटेश्वरी के दरबार पहुंचे। यह परंपरा लगभग 138 वर्षों से चली आ रही है। अयोध्या जिले के बचकुना और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु पांच दिवसीय पैदल यात्रा निकालते हैं। यह आस्था यात्रा पगडंडियों, खेतों और कच्चे रास्तों से होते हुए अष्टमी के दिन देवीपाटन धाम पहुंचती है। भक्ति गीतों, जयकारों और ढोल-नगाड़ों के साथ उमड़ा यह जनसैलाब सदियों पुरानी श्रद्धा, एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। महिलाएं, पुरुष और बच्चे उत्साहपूर्वक माता के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं। भुजवा मेले के देवीपाटन पहुंचने पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामंत्री रूप चंद्र गुप्ता ने अपने पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों के साथ यात्रियों का माल्यार्पण कर और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। यह मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में भाईचारे, एकजुटता और परंपराओं के संरक्षण का भी प्रतीक है। यह पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को अपनी जड़ों से जोड़े रखता है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और भारी पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि, नगर पंचायत द्वारा साफ-सफाई और सड़कों पर पानी के छिड़काव की व्यवस्था न होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई।

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