सीतापुर की पवित्र तीर्थ नगरी नैमिषारण्य में चैत्र नवरात्रि की दुर्गा अष्टमी के अवसर पर भक्ति का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही आदि शक्ति मां ललिता देवी के दरबार में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। चारों ओर गूंजते ‘जय माता दी’ के जयकारों और हवन-पूजन की सुगंध से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। अष्टमी के पावन दिन पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने सबसे पहले चक्रतीर्थ में आस्था की डुबकी लगाई और उसके बाद मां ललिता देवी के मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भक्तों ने मां के चरणों में माथा टेककर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में दिनभर हवन-पूजन का दौर चलता रहा, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर जगत कल्याण की प्रार्थना की। मान्यता है कि अष्टमी के दिन नैमिष धाम में मां की आराधना करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे और पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा प्रसाद वितरण का सिलसिला भी लगातार चलता रहा, जिससे मा हौल और अधिक श्रद्धामय हो गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गईं। धूप और गर्मी के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। पूरे दिन नैमिषारण्य ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंजता रहा और भक्तिभाव का अनोखा दृश्य देखने को मिला।

Leave a Reply