मूंढापांडे के पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सिविल लाइंस थाने के हिस्ट्रीशीटर ललित कौशिक को कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में दोषी करार दिया है। ललित कौशिक के साथ ही उसके साथी खुशवंत सिंह उर्फ भीम और वेस्ट यूपी के बेहद खतरनाक शार्प शूटरों में शुमार केशव सरन शर्मा को भी कोर्ट ने दोषी माना है। बता दें कि केशव सरन शर्मा को पूर्व में पुलिस ने आहूजा ग्रुप के एमडी मनोज आहूजा की सुपारी लेने के मामले में भी अरेस्ट किया था। ताजा फैसला एडीजे-5 विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रेशमा चौधरी की अदालत ने सुनाया है। तीनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए अदालत ने इन तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में मुरादाबाद जेल भेज दिया है। बता दें कि इनमें से मुख्य आरोपी ललित कौशिक कई हत्याओं और दूसरे आपराधिक मामलों में पहले से ही यूपी की बलरामपुर जेल में बंद है। जबकि उसका एक साथी खुशवंत सिंह उर्फ भीम मुरादाबाद जेल में पहले से बंद है। जबकि केशव सरन शर्मा जमानत पर चल रहा था। बुधवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रेशमा चौधरी ने तीनों अभियुक्तों को गैंगस्टर एक्ट में दोषी करार दिया। ताजा मामला शहर के युवा स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक गुप्ता की सनसनीखेज हज्या से जुड़ा है। इसके पहले भी ललित कौशिक को 2 मामलों में सजा हो चुकी है। 12 जनवरी 2022 को हुई थी कुशांक की सनसनीखेज हत्या मुरादाबाद में शहर के पॉश एरिया रामगंगा विहार में हत्या की यह सनसनीखेज वारदात 12 जनवरी 2022 को हुई थी। युवा स्पोर्टर्स व्यापारी कुशांक गुप्ता की दुस्साहसिक अंदाज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारे ने दुकान से निकलते वक्त व्यापारी कुशांक गुप्ता (30 साल) के सिर में सटाकर गोली मारी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे मौके से भाग निकले थे। कुशांक की दुकान पर कब्जा कराने की थी नीयत कुशांक गुप्ता की मूंढापांडे के तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक से अदावत चल रही थी। घटना से कुछ महीने पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें ललित कौशिक के साथ कुछ लोग कुशांक गुप्ता की दुकान में नजर आ रहे थे। इनमें से कुछ के पास हथियार भी थे। इन लोगों ने कुशांक को धमकाया था। जिसके बाद कुशांक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार कई वीडियो पोस्ट करके ललित कौशिक द्वारा हत्या की धमकी दिए जाने की बात कही थी। कुशांक ने ललित कौशिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था और वह उसकी अरेस्टिंग के लिए लगातार कई दिनों तक अपनी ही दुकान के बाहर भूख हड़ताल पर भी बैठा था। लेकिन कौशिक के रसूख की वजह से उसकी अरेस्टिंग नहीं हो सकी थी। दरअसल कुशांक गुप्ता ने अपनी एक दुकान एक नाई को किराए पर दी थी। कुशांक उससे अपनी दुकान खाली कराना चाहते थे। लेकिन ललित कौशिक ने कुशांक को धमकाया था कि वो किराएदार से दुकान खाली न कराए। यदि दुकान खाली कराने की कोशिश की तो अंजाम बुरा होगा।दरअसल ललित कौशिक को पावर में रहते हुए शहर की विवादित प्रॉपर्टीज के फैसले करने की आदत पड़ चुकी थी। उसे इन फैसलों में मोटी रकम मिलती थी। लेकिन युवा व्यापारी कुशांक गुप्ता उसकी धमकियों से नहीं डरा और उसने ललित कौशिक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
बदनामी से परेशान होकर किया कुशांक का इंतजाम मुरादाबाद पुलिस ने 28 मार्च 2023 को इस वारदात में शामिल रहे खुशवंत सिंह उर्फ भीम को अरेस्ट करके इस घटना का खुलासा किया था। उसने पुलिस पूछताछ में बताया था कि उसने यह वारदात ललित कौशिक के कहने पर की थी। ललित कौशिक ने ही उसे शूटर उपलब्ध कराया था। उसका काम सिर्फ शूटर को अपनी बाइक पर बैठाकर कुशांक की दुकान के पास तक ले जाना और घटना के बाद उसे बाइक से शहर से बाहर तक सेफ पहुंचाना था। खुशवंत सिंह उर्फ भीम ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि “मेरे और ललित कौशिक के बीच बहुत घनिष्टता है। ललित कौशिक का भांजा मेरे साथ पढ़ता था। इसलिए मेरे उनके साथ पारिवारिक संबंध हो गए थे। मैं ठेकेदारी करता हूं तो ललित कौशिक उसमें मेरी मदद करता है। 2020 में सिद्धबली स्पोर्ट्स के मालिक कुशांक गुप्ता का ललित कौशिक के मिलने वाले भूरा नाई की दुकान खाली कराने को लेकर विवाद हो गया था। कुशांक ने इस मामले में ललित कौशिक की बात नहीं मानी थी। इस पर ललित कौशिक अपने साथियों के साथ कुशांक की दुकान पर गया था,जहां झगड़ा हो गया था। उसने ललित कौशिक और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा लिखा दिया था। इतना ही नहीं वो ललित कौशिक के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए रोजाना अखबारों में निकलवाता था। इसके अलावा फेसबुक और ट्रिवटर पर रोजाना पोस्ट भी डालता था। उसने ललित कौशिक को बहुत बदनाम और परेशान कर दिया था। इसलिए ललित कौशिक ने उसका इंतजाम करने का मन बना लिया था। हम लोग मौके की तलाश में थे। जब कुशांक गुप्ता का बिजनौर के हिमांशू और प्रियांशू से अपना पोर्शन खाली कराने को लेकर विवाद हुआ तो कौशिक ने सही मौका देखकर एक शूटर बुला लिया।”
वारदात के वक्त थोड़ी दूरी पर बाइक लेकर खड़ा था भीम पुलिस पूछताछ में खुशवंत सिंह उर्फ भीम ने बताया कि, ललित कौशिक ने मौका देखकर 12 जनवरी 2022 को एक शूटर बाहर से बुलवाया था। इसके बाद योजना के तहत पूरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया। मैं बाइक लेकर सिद्धबली स्पोर्टस से थोड़ा आगे जाकर खड़ा हो गया था। शूटर ने जैसे ही कुशांक को गोली मारी तो वह दौड़कर मेरे पास आया और मैं उसे लेकर वहां से कैमरों की नजरों से बचाता हुआ सुरक्षित निकाल ले गया। इसके बाद हरथला के आगे उसे उसकी बाइक देकर उतर गया और सीधा अपने घर चला आया। भीम ने पुलिस को बताया था कि गोली मारने वाले शूटर की जानकारी उसे नहीं है। इसके बारे में ललित कौशिक को ही पूरा पता है। ललित कौशिक ने ही शूटर को बाहर से बुलाया था। बता दें कि खुशवंत सिंह उर्फ भीम का लंबा आपराधिक इतिहास है। उत्तराखंड के हरिद्वार से वह आटोलिफ्टिंग में भी जेल जा चुका है। इसके अलावा उसके खिलाफ विभिन्न संगीन अपराधों में 6 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। बाद में पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले शूटर केशव सरन शर्मा को अरेस्ट कर इस हत्याकांड की पूरी गुप्थी को सुलझाया था। केशव सरन शर्मा की गिनती बेहद खतरनाक शॉर्प शूटर्स में होती है। केशव सरन शर्मा रिश्ते में ललित कौशिक का साला लगता है।
आहूजा गुप के एमडी मनोज आहूजा को मारने के लिए ली थी एक करोड़ की सुपारी कुशांक गुप्ता की हत्या करने वाला ललित कौशिक का बेहद खास शूटर और उसका रिश्तेदार केशव सरन शर्मा पाकबड़ा के गांव गिंदौड़ा का रहने वाला है। मार्च 2019 में केशव सरन शर्मा ने आहूजा ग्रुप के एमडी मनोज आहूजा की सुपारी ले ली थी। उसने एक करोड़ रुपए में मनोज आहूजा को मारने का कांट्रेक्ट लिया था। हालांकि तब पुलिस ने वक्त रहने मामला पकड़ में आने के बाद केशव और उसके 2 दोस्तों को अरेस्ट कर लिया था। केशव और उसके साथियों को जेल से छुड़ाने के लिए ललित कौशिक ने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी। बात ये भी उठी थी कि इसके पीछे भी ललित कौशिक की शह थी लेकिन उस समय पुलिस रिकॉर्ड में ललित कौशिक का नाम नहीं आया था। इस मामले में जेल से छूटने के बाद केशव सरन शर्मा ने ललित कौशिक के कहने पर कुशांक गुप्ता को मार डाला। उसे भोजपुर के हिमांयूपुर निवासी खुशवंत सिंह उर्फ भीम चौधरी अपनी बाइक पर बैठाकर घटनास्थल तक ले गया था। उसी ने उसे वारदात के बाद शहर से सेफ निकाला था।

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