ऑटो में सवारी बनकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली चाची-भतीजी समेत तीन आरोपियों को कानपुर की बादशाहीनाका पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह ऑटो में घूम–घूम कर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। बीते 9 मार्च को शादी समारोह में शामिल होने जा रही महिला को गिरोह ने अपना शिकार बनाया था। शातिरों ने 500 मीटर के सफर में महिला के 15 लाख के जेवरात पार कर दिए थे। 9 मार्च को वारदात को दिया था अंजाम एडीसीपी पूर्वी अंजलि विश्वकर्मा ने घटना का खुलासा करते हुए 9 मार्च की शाम 4 बजे बादशाहीनाका निवासी रंजना अपनी दो बेटियों के साथ चकेरी निवासी रिश्तेदार के घर शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी। उन्होंने बादशाहीनाका स्थित भीखाराम मिष्ठान भंडार से ई–ऑटो में सवार हुई थी। वह करीब 500 मीटर दूर घंटाघर चौराहे के पास ई–ऑटो से उतरी तो उनकी पर्स में रखी चेन, अंगूठी, नेकलेस, पायल समेत करीब 15 लाख के जेवरात गायब मिले। पीड़िता ने बादशाहीनाका में एफआईआर दर्ज कराई थी। एडीसीपी ने बताया कि आरोपियों की तलाश में पुलिस ने 98 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें संदिग्ध ई–ऑटो कैद हुआ। एडीसीपी ने बताया कि गुरुवार को सूचना मिली कि संदिग्ध ई–ऑटो घंटाघर चौराहे पर चोरी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। पुलिस ने घेराबंदी कर सीपीसी माल गोदाम से ई–ऑटो सवार दो महिला समेत ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। एडीसीपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम जूही, परमपुरवा निवासी संजना, राधिका व शारिक बताया है। राधिका, संजना की चाची हैं। आरोपियों ने पूछताछ में दो अन्य ई–रिक्शा चालाकों के नाम बताए है। एडीसीपी ने बताया कि राधिका के खिलाफ पूर्व में 4 मुकदमे दर्ज है, राधिका के पति गोपी फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।

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