बिजनौर जिले में अष्टमी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। सुबह से ही बिजनौर शहर के प्राचीन चामुंडा देवी धाम और मां काली देवी मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंच रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही, मंदिर समितियों ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिरों के अंदर और आसपास विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया है, और इन्हें रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों व अन्य सजावटों से आकर्षक रूप से सजाया गया है। बिजनौर शहर के झालू रोड स्थित प्राचीन देवी मंदिर और चामुंडा धाम देवी मंदिर, साथ ही चांदपुर का प्राचीन देवी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। जिले के चांदपुर, नगीना, धामपुर, नहटौर, अफजलगढ़, शेरकोट, नजीबाबाद, किरतपुर और बढ़ापुर के मंदिरों में भी विशेष साफ-सफाई की गई है। देखें 3 तस्वीरें…
कालिका मंदिर के पास एक मेले का भी आयोजन किया गया है। इस मेले में दुकानें, झूले और विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ लगाए गए हैं, जहां बच्चे और महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंच रही हैं। इस अवसर पर शिव प्रकाश बाल्मीकि ने बताया कि चामुंडा देवी धाम एक ऐतिहासिक मंदिर है। उन्होंने कहा कि यहां अष्टमी की पूजा की जा रही है और सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। बाल्मीकि के अनुसार, यह मनोकामना पूर्ण मंदिर है, जिसे एक मुस्लिम व्यक्ति शादी खान ने मंदिर कमेटी को दान में दिया था। उनका कहना है कि जो भी परेशान व्यक्ति यहां आता है, माता उसकी मनोकामना पूरी करती हैं। मंदिर के पुजारी रमाकांत शर्मा ने बताया कि यह मंदिर लगभग 90 साल पुराना है। उन्होंने जानकारी दी कि आज अष्टमी की पूजा चल रही है और सुबह से ही हजारों की संख्या में भक्त मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिर से जुड़ी मान्यता है कि जो भक्त यहां सच्चे दिल से मन्नत मांगता है, उसकी मनोकामना पूर्ण होती है। नौमी के दिन यहां विशाल भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं।

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