कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की भारी किल्लत के चलते हालात इतने बिगड़ गए हैं कि मशहूर हरिया जी लस्सी वालों को भी समोसे बनाना बंद करना पड़ा है। शास्त्रीनगर, बुढ़ाना गेट और कंकरखेड़ा जैसे शहर के प्रमुख इलाकों में समोसा, कचौरी और टिक्की की कई दुकानें बंद हो चुकी हैं। दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलिंडर उपलब्ध न होने के कारण वे कारोबार चलाने में असमर्थ हैं। शास्त्रीनगर स्थित हरिया जी लस्सी वाले के संचालक सुनील साहू ने बताया कि फिलहाल सिलिंडर नहीं मिल पाने के चलते समोसे बनाना बंद कर दिया गया है। वहीं सेंट्रल मार्केट के कैलाश स्वीट्स के संचालक जितेंद्र अग्रवाल ने बताया कि एजेंसियों पर कॉमर्शियल गैस सिलिंडर उपलब्ध ही नहीं हैं, जिससे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वहीं पूर्ति विभाग ने शिकायतों के बाद सख्ती दिखाते हुए होटलों और रेस्टोरेंट्स पर छापेमार कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलिंडरों का अवैध इस्तेमाल पकड़ा गया है। होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल के अनुसार गैस की कमी के चलते कचौरी और टिक्की की कई छोटी-बड़ी दुकानें बंद हो गई हैं। स्थिति यह है कि कई मुस्लिम ढाबे अब परंपरागत तंदूर के भरोसे चल रहे हैं, जबकि बड़े होटलों ने भी गैस तंदूर छोड़कर कोयले वाले तंदूर को अपनाना शुरू कर दिया है।

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