जौनपुर में अपात्र राशन कार्डधारकों के खिलाफ एक अभियान चलाया जा रहा है। जिले की 1734 ग्राम पंचायतों में हुई जांच में अब तक पांच हजार अपात्र राशन कार्डधारकों की पहचान की गई है। इन कार्डों को जल्द ही निरस्त किया जाएगा। प्रशासन ने अपात्र कार्डधारकों को स्वेच्छा से अपने राशन कार्ड आपूर्ति कार्यालयों में सरेंडर करने का अवसर दिया है, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। पहले राशन कार्ड धारकों की जांच का कोई निश्चित पैमाना नहीं था। अब सभी कार्डधारकों की ऑनलाइन जांच की जा रही है। जिले में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी श्रेणी के कुल 8,33,710 राशन कार्ड धारक हैं, जिनकी कुल यूनिट संख्या 34,88,764 है। इनमें से 93 प्रतिशत यूनिटों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, और शेष की जांच भी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) संतोष विक्रम शाही ने बताया कि जांच के दौरान पांच हजार अपात्र राशन कार्ड धारक पाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों के कार्ड निरस्त करने के साथ ही पात्र नए लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जाएगा। डीएसओ ने यह भी दोहराया कि अपात्र लाभार्थी अपना राशन कार्ड स्वेच्छा से सरेंडर कर सकते हैं और उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने लाभार्थियों से कार्यालय में आकर अपना काम कराने का आग्रह किया।

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