प्रतापगढ़ के पूर्व एमएलसी आनंद भूषण सिंह उर्फ बब्बू राजा का बुधवार दोपहर लखनऊ में निधन हो गया। वे पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे और राजधानी के एक अस्पताल में उनका इलाज जारी था। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। देर शाम उनका पार्थिव शरीर प्रतापगढ़ लाया गया। जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार पैतृक क्षेत्र में पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया जाएगा। बताया गया कि बब्बू राजा लंबे समय से शुगर की बीमारी से जूझ रहे थे। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, जिसके चलते उन्हें लखनऊ में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। आनंद भूषण सिंह प्रतापगढ़ की राजनीति के एक मजबूत और प्रभावशाली चेहरे के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं को उठाने में अहम भूमिका निभाई। अपनी सरलता, मिलनसार स्वभाव और जनता के प्रति समर्पण के कारण वे काफी लोकप्रिय थे। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में योगदान
उनके निधन की सूचना मिलते ही उनके आवास पर शोक व्यक्त करने वालों की भीड़ जुटने लगी। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने गहरा दुख जताते हुए इसे प्रतापगढ़ की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। स्थानीय नेताओं ने कहा कि बब्बू राजा हमेशा जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझते और उनके समाधान के लिए तत्पर रहते थे। वे एक जननेता के साथ-साथ समाजसेवी भी थे। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विकास में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। 2019 में किया था राजा भैया की पार्टी का समर्थन
राजनीतिक सफर की बात करें तो उन्होंने 1992-93 में कांग्रेस से गड़वाड़ा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें भाजपा के रमेश सिंह विजयी हुए थे। इसके बाद वर्ष 2004 में वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में निर्विरोध एमएलसी चुने गए। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने राजा भैया की पार्टी का समर्थन किया था, जबकि नगर निकाय चुनाव से पहले सपा में शामिल हो गए थे। परिवार में उनके पुत्र यशवर्धन सिंह और दो पुत्रियां हैं। परिवारजनों के अनुसार उनका पार्थिव शरीर बुधवार शाम 7 से 8 बजे के बीच प्रतापगढ़ स्थित उनके शहरी आवास पर लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार पैतृक क्षेत्र में पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया जाएगा। इस दौरान भाजपा विधायक राजेंद्र मौर्य, कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी, कांग्रेस जिला महासचिव हलीम खान सहित कई नेताओं ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतापगढ़ के एमएलसी कुँवर अक्षय प्रताप सिंह ने भी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। वहीं राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने उनके पुत्र यशवर्धन सिंह से फोन पर बात कर दुख जताया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

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