कुशीनगर में 7 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी पिंटू को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस जघन्य अपराध को दुर्लभतम में दुर्लभ श्रेणी में रखते हुए फैसला सुनाया है। घटना 22 फरवरी 2026 की है। जटहां बाजार थाना क्षेत्र में मासूम तिलक समारोह देखने गया था। लेकिन घर वापस नहीं लौटा। अगले दिन उसका शव गांव के पास मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी। वहीं जांच में सामने आया कि आरोपी, जो बच्चे का रिश्ते का चाचा था। उसे बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले गया। इसके बाद घटना को अंजाम दिया। पहचान छिपाने के लिए उसने बच्चे की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर साक्ष्यों के साथ अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों ने अपराध को साबित किया। फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि यह अपराध न सिर्फ एक मासूम, बल्कि पूरे समाज और मानवता के खिलाफ है। ऐसे कृत्य किसी भी स्थिति में सहन नहीं किए जा सकते। कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाते हुए आदेश दिया कि उसे तब तक फांसी पर लटकाया जाए। जब तक उसकी मौत न हो जाए। महज 13 कार्यदिवस में आए इस फैसले को न्याय व्यवस्था की सख्ती और तत्परता का उदाहरण माना जा रहा है। मासूमों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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