जौनपुर में बेटे ने अपनी रिटायर्ड प्रिंसिपल मां की सिलबट्टे से कूंचकर हत्या कर दी। मां की चीख-पुकार सुनकर उन्हें बचाने पहुंची भाभी और भतीजी को भी आरोपी ने लोहे की रॉड से मारकर घायल कर दिया। घर में मची अफरा-तफरी के बीच आसपास के लोगों ने बेटे को काबू कर एक कमरे में बंद कर दिया। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने शीला सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। वहीं भाभी और भतीजी का इलाज जारी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपी मानसिक रूप से ग्रसित था। आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्यवाही पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। खबर से जुड़ी देखिए तीन तस्वीरें… अब जानिए पूरा मामला… यह घटना बुधवार दोपहर करीब 1 बजे केराकत थाना के शेखजादा मोहल्ले में हुई। अवकाश प्राप्त शिक्षिका शीला सिंह (80) अपने दो बेटे सत्यव्रत सिंह, बहू शालिनी सिंह, पोती वर्तिका सिंह और छोटे बेटे संदीप सिंह उर्फ भोलू के साथ रहती थीं। उनके अन्य दो पुत्र मुन्ना और गोलू बाहर रहते हैं। शीला सिंह कन्या पाठशाला की रिटायर्ड प्रिंसीपल थी। इनके पति वीरेंद्र सिंह का 4 महीने पहले मृत्यु हो गई थी। वे भी पब्लिक इंटर कॉलेज के लेक्चरर थे। बुधवार दोपहर छोटा बेटा घर में दूसरे मंजिल पर सो रहा था। उस समय बड़े बेटे सत्यव्रत सिंह अपनी मेडिकल दुकान पर थे। तभी छोटे बेटे संदीप अचानक उठकर नीचे आ गया। उसने मां के कमरे में रखे सिलबट्टे से मां के सिर को कूच डाला। वह अपने मां पर ताबड़तोड़ हमले किए जा रहा था। मां की चीख-पुकार सुनकर घर मौजूद आरोपी की भाभी और भतीजी बचाने आई। भाभी-भतीजी को लोहे की रॉड से मारा आरोपी संदीप ने भाभी शालिनी सिंह और भतीजी वर्तिका सिंह पर भी संदीप ने लोहे की रॉड से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इस हमले में शालिनी और वर्तिका भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। चीख-पुकार की आवाज सुनकर आसपास के लोगों पहुंच गए। आसपास के लोगों ने साहस दिखाते हुए संदीप को काबू कर एक कमरे में बंद कर दिया। पड़ोसियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर घायल शीला व उनकी बहु शालिनि के साथ घायल पोती वर्तिका को सीएचसी के लेकर रवाना हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल आरोपी संदीप को हिरासत में ले लिया। घायलों को सीएचसी से ले जाने पर चिकित्सकों ने शीला सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पड़ोसी रिंकू सेठ ने बताया कि शीला का बेटा संदीप अपनी घायल मां के पास बैठा था। हम सभी ने संदीप को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया। परिवार का मोहल्ले वालों से कोई बहुत मतलब नही रहता है। मानसिक बीमारी से ग्रसित आरोपी अवकाश प्राप्त शिक्षिका की मौत की खबर से शेखजादा मोहल्ले में शोक छा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्यवाही पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपी संदीप वर्षों से मानसिक बीमारी से ग्रसित था। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार रजक और प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार पांडेय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ शुरू कर दी है।

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