बिजनौर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक भारतेंदु ने गैर इरादतन हत्या के एक मामले में पिता-पुत्र को दोषी ठहराया है। न्यायाधीश ने आरोपित चतर सिंह और उसके पुत्र अनमोल सिंह को सात-सात वर्ष के कारावास और 51-51 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता पंकज चौहान ने बताया कि 29 नवंबर 2019 को मनजीत सिंह पुत्र अमर सिंह निवासी मोहल्ला खेड़ा, थाना हल्दौर ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित चतर सिंह, उसके पुत्र अनमोल सिंह और अंकित सिंह ने मनजीत के पिता अमर सिंह से झगड़ा किया और उन्हें मारपीट कर घायल कर दिया था। मनजीत सिंह अपने पिता अमर सिंह को लेकर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई के लिए थाने जा रहे थे। तभी थाने के पास आरोपितों ने दोबारा अमर सिंह के साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अमर सिंह को गंभीर हालत में अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में चतर सिंह, उसके पुत्र अनमोल सिंह और अंकित सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में भेजा। आरोपित अंकित सिंह नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली सुनवाई के लिए किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। न्यायाधीश अशोक भारतेंदु ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपित चतर सिंह और उसके पुत्र अनमोल सिंह को दोषी पाया और उन्हें उक्त सजा सुनाई।

Leave a Reply