आगरा नगर निगम की मेयर और नगरायुक्त के बीच चल रही खींचतान के बाद अब पार्षद भी मैदान में उतर गए है। बुधवार को बसपा पार्षदों ने बैठक कर महापौर का विरोध किया। सदन के नाम पर भारतीय जनता पार्टी की मीटिंग बताई। कहा कि इतनी सालों में पहली बार निगम सरकार फेलियर साबित हो रही है। मेयर और नगरायुक्त के बीच पिछले तीन साल ये युद्ध चल रहा है। इससे शहर के लोग और पार्षदों का नुकसान हो रहा है। पार्षद अपने क्षेत्र की जनता को कोई जवाब नहीं दे पा रहे है। अगर 14 अप्रैल से पहले अम्बेडकर जयंती पर विकास नहीं हुए, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। महापौर लगातार बसपा पार्षदों के लिए असंसदीय भाषा का प्रयोग करती आई है। अब महापौर के द्वारा किया गया अपमान सहन नहीं करेंगे। भाजपा पार्षद बोले-आगरा अधिनियम से चल रहा निगम वहीं भाजपा के कुछ बरिष्ठ पार्षद ने बैठक की। पार्षद रवि माथुर ने कहा-आगरा नगर निगम अभी तक निगम अधिनीयम से चलता आया है। अब स्थिति ये है कि निगम आगरा अधिनियम के अनुसार राम भरोसे चल रहा है। इसमें महापौर और नगरायुक्त जिम्मेदार है। दोनों में आपसी तालमेल नहीं है। सदन और कार्यकारिणी की अभेलना लगातार हो रही है। महापौर की जिम्मेदार है कि जिनके नाम पर जीत कर आए है उनकी अपेक्षाओं को रखा जाना चाहिए। अगर नहीं रखा जाएगा, तो हम इसके बिल्कुल विपरीत है। पूरी जनता मेयर या नगरायुक्त के घर नहीं पहुंचती है। जो भी आरोप चल रहे उनकी जांच होनी चाहिए।

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