दीनदयाल गोरखपुर यूनिवर्सिटी में पानी आपूर्ति की लंबे समय से चली आ रही समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने योजना बनाकर 22 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस योजना के तहत यूनिवर्सिटी परिसर, छात्रावासों और आवासों में 5 नई पानी की टंकियां बनाई जाएंगी और पुरानी पाइपलाइन की जगह नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। यूनिवर्सिटी में स्थापना के समय बिछाई गई लोहे की पाइपलाइन अब काफी जर्जर हो चुकी है, जिससे पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है। पुरानी टंकियों की उम्र भी पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी भी तीन टंकियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बढ़ती जरूरत के बावजूद नई व्यवस्था नहीं होने से पानी न आने या कम दबाव की समस्या बनी रहती है। बढ़ती जरूरत के हिसाब से नहीं हुआ विस्तार
सालों में छात्र संख्या, विभाग और आवास बढ़े, लेकिन पानी आपूर्ति की व्यवस्था उसी पुरानी स्थिति में बनी रही। नई पाइपलाइन और टंकियों के अभाव में कैंपस, छात्रावासों और आवासों में नियमित रूप से पानी की समस्या सामने आती रही है। समस्या को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम से विस्तृत प्रस्ताव तैयार कराया है। इसमें पूरी पाइपलाइन बदलने और 5 नई टंकियां बनाने की योजना शामिल की गई है, ताकि सभी हिस्सों में बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। इन जगहों पर बनेंगी 5 नई टंकियां
नई टंकियों के लिए 5 स्थान तय किए गए हैं। प्रशासनिक भवन के पास बनने वाली टंकी से अलकनंदा और एससी-एसटी हॉस्टलों को पानी मिलेगा। केंद्रीय ग्रंथालय के पास बनने वाली टंकी से जूलॉजी और बॉटनी विभागों में आपूर्ति होगी। इसके अलावा शिक्षा संकाय, दीक्षा भवन और हीरापुरी कॉलोनी में भी एक-एक टंकी बनाई जाएगी। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। धनराशि स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, जिससे यूनिवर्सिटी में पानी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

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