हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के मोहम्मद रुस्तमपुर गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर करीब सात महीने पहले दफनाए गए हारिश के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यह कार्रवाई उसकी संदिग्ध मौत के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए की गई है। परिजनों ने शुरू से ही मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई थी। आरोप है कि हारिश को लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारी गई थी। बिना कानूनी कार्रवाई के दफनाए गए शव को अब दोबारा जांच के लिए निकाला गया है। इस घटना से गांव में हलचल मच गई है और हर कोई पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। देखिए घटना से जुड़ी तस्वीरें… विस्तार से जानिए पूरा मामला… यह मामला लगभग सात महीने पुराना है, जब मोहम्मद रुस्तमपुर गांव निवासी हारिश 8 अगस्त 2025 की रात करीब 12 बजे उसने अपने कमरे में लाइसेंसी रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर परिजन कमरे में पहुंचे तो वह खून से लथपथ पड़ा मिला। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। हारिश का निकाह अप्रैल 2025 में बिजनौर निवासी रहीमा से हुआ था। बताया जा रहा है कि शादी के बाद से ही दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। पत्नी रहीमा का कहना था कि यह शादी उसकी मर्जी के खिलाफ हुई थी। जिसके चलते घर में तनाव बना रहता था। घटना के समय पुलिस और परिजनों ने इसे तनाव के कारण की गई आत्महत्या मान लिया था। बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के शव को दफना दिया गया। मां ने लगाया हत्या का आरोप घटना के करीब 10-11 दिन बाद मृतक की मां फलक नाज ने अपनी बहू रहीमा पर हत्या का आरोप लगाया। उनका कहना था कि गोली चलने के समय बहू कमरे के अंदर मौजूद थी और दरवाजा काफी देर बाद खोला गया, जिससे संदेह और बढ़ गया। न्याय की उम्मीद में परिजन इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे और मामले की दोबारा जांच की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। कोर्ट के आदेश पर कब्र से निकाला गया शव हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन हरकत में आया। स्थानीय मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के कब्रिस्तान पहुंची। कड़ी सुरक्षा के बीच कब्र की खुदाई की गई और घंटों की मशक्कत के बाद शव के अवशेष बाहर निकाले गए। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। थाना बहादुरगढ़ प्रभारी धीरज मलिक ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फॉरेंसिक टीम और डॉक्टरों का पैनल इस मामले की गहराई से जांच करेगा। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरा मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

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