जौनपुर महोत्सव के दूसरे दिन ऐतिहासिक शाही किले में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों ने गीत, नाटक, एकांकी, लोकगीत और नृत्य जैसी विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निपुण विद्यालयों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करंजाकला ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव उर्फ मम्मन जी ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दौरान जनपद के उत्कृष्ट निपुण विद्यालयों को जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के हस्ताक्षरयुक्त “निपुण विद्यालय पुरस्कार” प्रदान किए गए। इन सम्मानों से विद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखा गया। महोत्सव में शिक्षकों द्वारा कक्षा-कक्ष में उपयोग की जा रही शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलएम) की एक आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस प्रदर्शनी में शिक्षण को सरल और रोचक बनाने के लिए तैयार किए गए विभिन्न नवाचारों को प्रदर्शित किया गया, जिसकी मुख्य अतिथि ने सराहना की।परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय करंजाकला, धर्मापुर और डोभी के छात्र-छात्राओं ने भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने सभी शिक्षकों, बच्चों, एसआरजी और एआरपी को बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ये गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक हैं।

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