औरैया में दिबियापुर कोतवाली क्षेत्र के दो पड़ोसी गांवों में युवक और किशोरी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले सामने आए हैं। दोनों घटनाओं के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। परिजन भी इस संबंध में कुछ भी कहने से बच रहे हैं और किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं। पहली घटना ढरकन गांव की है। यहां मनोज शाक्य के 18 वर्षीय पुत्र लविश शाक्य ने मंगलवार रात करीब 11 बजे अपने कमरे में फांसी लगा ली। जब परिजन कमरे में पहुंचे तो उसका शव फंदे पर लटका मिला। यह देख परिवार में कोहराम मच गया। आनन-फानन में शव को नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि लविश परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं, जिनमें एक की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी अविवाहित है। ग्रामीणों के अनुसार, लविश ने पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। दूसरी घटना हरचंदपुर क्षेत्र के सक्तू गांव की है। यहां बुधवार दोपहर 17 वर्षीय किशोरी काजल ने साड़ी का फंदा बनाकर पंखे से लटककर जान दे दी। किशोरी के पिता सुशील राजपूत दिल्ली की एक निजी कंपनी में काम करते हैं। घर पर मां और दो भाई रहते हैं। दोपहर में काजल अपने कमरे में गई और फांसी लगा ली। परिजनों ने जब उसे देखा तो घर में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इकलौती बहन की मौत से दोनों भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रुद्र प्रताप नारायण त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस दोनों मामलों की हर पहलू से जांच कर रही है। अभी तक दोनों घटनाओं के बीच किसी प्रकार का संबंध सामने नहीं आया है।

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