गाजीपुर जिला जज धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में बुधवार को फैसला सुनाया। अदालत ने पति अनोज कुमार और सास मीरा देवी को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के कारावास और 8-8 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह मामला नोनहरा थाना क्षेत्र के चक असदुल्लाह गांव निवासी जगदीश प्रसाद की पुत्री साधना से संबंधित है। साधना की शादी 22 मई 2022 को महमूदपुर निवासी अनोज कुमार से हुई थी। पेट्रोल डालकर जलाने का आरोप अभियोजन पक्ष के अनुसार, शादी के बाद से ही साधना को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। 29 जुलाई 2024 की सुबह पति, सास और ससुर पर कथित तौर पर पेट्रोल डालकर उसे जलाने का आरोप है। गंभीर हालत में साधना को अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया। वाराणसी में इलाज के दौरान उसने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। 5 अगस्त 2024 को उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद साधना के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और विवेचना पूरी होने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। 8 गवाहों को पेश कर मामले को मजबूती से रखा सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय ने 8 गवाहों को पेश कर मामले को मजबूती से रखा। अदालत को बताया गया कि मृतका ने अपने मृत्युकालिक बयान में पूरी घटना का स्पष्ट उल्लेख किया था, जिसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में ससुर राजकुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। हालांकि, मृतका के बयान को विश्वसनीय मानते हुए पति और सास को दोषी ठहराया गया। अभियोजन पक्ष ने इसे एक जघन्य अपराध बताते हुए दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की थी। अदालत ने इस पर सहमति जताते हुए दोनों दोषियों को सजा सुनाकर जेल भेज दिया।

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