जालौन के कुठौंद थाने में तैनात रहे इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय हत्याकांड में आरोपित सिपाही मीनाक्षी शर्मा को बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया। मामले की सुनवाई जिला जज विरेंद्र कुमार की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवेश सेंगर ने अदालत में दलील दी कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा चार्जशीट का संज्ञान लेना विधिक रूप से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा प्रस्तुत चार्जशीट में सुसाइड नोट शामिल है। जिससे प्रथम दृष्टया मामला हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या का प्रतीत होता है। अधिवक्ता ने बताया कि इसी आधार पर वह कोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल करेंगे। सीजेएम के आदेश को चुनौती देंगे। उनका कहना है कि मामले में धारा निर्धारण में गंभीर त्रुटि हुई है। जिसकी न्यायिक समीक्षा जरूरी है। गौरतलब है कि इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत के बाद यह मामला काफी चर्चाओं में रहा है। जांच एजेंसियां विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही हैं। फिलहाल अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 30 मार्च की तारीख तय की है, जिसमें आरोप तय करने को लेकर बहस होगी। बचाव पक्ष की ओर से रिवीजन याचिका की तैयारी के बाद मामले में कानूनी बहस और तेज होने की संभावना है।

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