सहारनपुर में संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर बुधवार को पेंशनभोगियों ने केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) वैधता अधिनियम-2025 के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। हकीकत नगर स्थित रामलीला मैदान में आयोजित इस धरने में बड़ी संख्या में पेंशनभोगी काली टोपी और बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर शामिल हुए। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ‘काला दिवस’ मनाया। जनपद सचिव शिवराज सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा पारित वित्त अधिनियम-2025 के माध्यम से पेंशनभोगियों के अधिकारों का हनन किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अधिनियम में सेवानिवृत्ति तिथि के आधार पर पेंशनर्स के बीच वर्गीकरण कर भेदभाव किया गया है, जो संविधान के अनुच्छेद-14 का स्पष्ट उल्लंघन है। सिंह ने यह भी कहा कि सरकार ने विभिन्न न्यायिक सिद्धांतों और पूर्व के न्यायिक निर्णयों की अनदेखी कर पेंशनभोगियों के साथ अन्याय किया है। वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि 3 नवंबर 2025 को गठित 8वें वेतन आयोग में भी पेंशनभोगियों की अनदेखी की जा रही है। पेंशनभोगियों ने आरोप लगाया कि सरकार यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि पेंशनभोगी समाज पर बोझ हैं, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों की तरह ही पेंशनभोगियों को भी समान फिटमेंट फैक्टर के आधार पर पेंशन संशोधन का लाभ दिया जाए। पेंशनभोगियों ने चेतावनी दी कि यदि इस अधिनियम को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली कूच कर घेराव भी किया जाएगा। धरने के दौरान प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह को सौंपा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनेश्वर प्रसाद ने की, जबकि संचालन राजेश्वर प्रसाद बंधु ने किया। इस दौरान विभिन्न संगठनों के पेंशनभोगी बड़ी संख्या में मौजूद रहे और एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। इस दौरान सुरेंद्र कुमार, शिवराम शर्मा, मूलचंद आनंद, योगेंद्र कुमार, डीपी उपाध्याय, वी के शर्मा, राजवीर सिंह, योगेश त्यागी, सुरेश चंद, वीरा देवी, उर्मिला देवी, पुष्पा सचदेवा,कमला गुप्ता, कृष्णा देवी, जहीर अहमद, सुभाष चंद्र जैन,सीपी त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।

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