बुलंदशहर में “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी के कारण, वर्ष 2014 के एक हत्या मामले में दो आरोपियों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीजे-1 न्यायालय के न्यायाधीश मनोज कुमार मिश्रा ने मामले की सुनवाई करते हुए अभियुक्त नरेश और जगवीर उर्फ टम्पू को दोषी ठहराया। न्यायालय ने उन्हें उम्रकैद की सजा के साथ नरेश पर 25 हजार रुपये और जगवीर पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना वर्ष 2014 की है। थाना सिकंदराबाद क्षेत्र के ग्राम सलेमपुर कायस्थ निवासी खेमचंद के पुत्र ललित की हत्या कर दोनों आरोपियों ने उसके शव को नहर में फेंक दिया था। इस संबंध में 11 जून 2014 को थाना सिकंदराबाद में मुकदमा दर्ज किया था। इसके अतिरिक्त, अभियुक्त नरेश के पास से तमंचा बरामद होने पर आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने समय पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी पाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजीव मलिक ने इस मामले में प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने यह फैसला सुनाया।

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