चंदौली में बुधवार को रूरल हेल्थ वेलफेयर सोसाइटी और डॉक्टर्स एसोसिएशन ने बसंत उत्सव और होली मिलन समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम चंदौली के एक लॉन में संपन्न हुआ, जिसमें सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’, डॉ. आरके पटेल और डॉ. भूपेंद्र कुमार पाठक सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने होली को बसंत ऋतु का संदेशवाहक बताया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होली को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. एमपी सिंह ने ग्रामीण चिकित्सकों के सामने आने वाली समस्याओं को उठाया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा संबंधित नोडल अधिकारी के माध्यम से ग्रामीण चिकित्सकों को डिग्री, डिप्लोमा और मेडिकल प्रमाण पत्र के नाम पर अपमानित किया जाता है। उन्होंने पंजीकरण के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाया और संगठन ने इसका कड़े शब्दों में विरोध किया। डॉ. रामअवतार चौहान और डॉ. सुदर्शन प्रजापति ने मांग की कि अपंजीकृत चिकित्सकों को ‘चिकित्सा मित्र’ कहा जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अनुभवी ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षण देकर रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (आरएमपी) का दर्जा दिया जाए। डॉ. सुरेश प्रजापति और डॉ. राकेश बिंद ने सरकार से ग्रामीण चिकित्सकों को तत्काल प्रशिक्षण देकर स्वास्थ्य विभाग में रोजगार प्रदान करने का आग्रह किया। वक्ताओं ने प्रत्येक ग्राम सभा स्तर पर 1500 की आबादी पर एक चिकित्सा मित्र की नियुक्ति की भी मांग की, क्योंकि सरकार द्वारा अभी तक ग्रामीण स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इस अवसर पर डॉ. मान सिंह, डॉ. हैदर अली, डॉ. आरडी शर्मा, डॉ. चंद्रहास कुशवाहा, डॉ. विजय कुमार, डॉ. सीडी सिंह चौहान, डॉ. अलमबीर, डॉ. सुधीर यादव, डॉ. दीपक निषाद, डॉ. उपेंद्र प्रताप, डॉ. कपिल विश्वकर्मा, डॉ. त्रिभुअन, डॉ. भुनेश्वर सहानी, डॉ. रमाशंकर सिंह, डॉ. सीमा बिंद, डॉ. जमालुद्दीन, डॉ. पीएन राव, डॉ. दिनेश मौर्य, डॉ. मुकेश, डॉ. फूलचंद्र प्रसाद, डॉ. वीरेंद्र मौर्य और डॉ. एमपी सिंह यादव सहित कई अन्य चिकित्सक उपस्थित थे। डॉ. एमपी सिंह यादव ने सभी उपस्थित चिकित्सकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

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