मऊ जिले में उद्यान विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय किसान गोष्ठी एवं मेले का बुधवार को समापन हुआ। इस दौरान किसानों को ग्राम पंचायत पकड़ी खुर्द, पीड़उत सिंहपुर और विकासखंड बड़राव के विभिन्न कृषि प्रक्षेत्रों का भ्रमण कराया गया। किसानों को गांठ गोभी, स्ट्रॉबेरी, फ्रेंच बीन, रेड कैबेज और टमाटर की खेती में मल्चिंग, ड्रिप, स्प्रिंकलर तथा रोग नियंत्रण की प्रायोगिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण सत्र के दूसरे दिन कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वैज्ञानिक डॉ. जितेंद्र कुशवाहा और डॉ. प्रशांत देव सिंह ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट जैसे नवीन फलों की खेती, पॉली हाउस में प्रतिकूल मौसम में रोगमुक्त शाकभाजी उत्पादन के बारे में बताया। इसके अतिरिक्त, मुर्गी पालन, पशुपालन, दलहन, मसाला उत्पादन और मशरूम उत्पादन जैसे कृषि से जुड़े अन्य कार्यों पर भी वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की गई। “देखो और सीखो” सिद्धांत के तहत, प्रगतिशील किसान रामलेश मौर्य ने ग्राम पंचायत में शाकभाजी की खेती में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग के उन्नत तरीकों का प्रदर्शन किया। उन्होंने उद्यान एवं कृषि विभाग से मिली तकनीकों और योजनाओं के अनुदान से स्वयं को हुए लाभ के बारे में बताया। रामलेश मौर्य ने सभी किसानों से इन योजनाओं से जुड़ने और आधुनिक एवं अधिक आय वाली खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्नतशील खेती के प्रदर्शनों को देखकर जनपद के किसान काफी उत्साहित हुए। वैज्ञानिकों और विभागीय कर्मचारियों ने मौके पर ही फलों, शाकभाजी और मसालों की खेती में आने वाली कीट व्याधि जैसी समस्याओं के रासायनिक और जैविक नियंत्रण की विधियों की जानकारी दी। भ्रमण कार्यक्रम का नेतृत्व योजना ब्लॉक प्रभारी सुनील कुमार गुप्त और बालजीत ने किया। इस दौरान विभागीय कर्मचारी रामसमुझ यादव, ड्रिप निर्माता कंपनी के अभियंता पंकज यादव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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