गोंडा में कर्नलगंज की एसडीएम नेहा मिश्रा ने बुधवार को दाखिल खारिज से जुड़े एक भाई-बहन के विवाद को सुलझाने के लिए सीधे विवादित खेत में ही चौपाल लगाई और पांच दिन में मामले के निस्तारण का आश्वासन दिया है। यह मामला कर्नलगंज तहसील क्षेत्र के भदैया गांव का है, जहां श्याम किशोर और उनकी बहन पूजा के बीच जमीन को लेकर तीन साल से विवाद चल रहा है। चौपाल के दौरान सामने आया कि मृतक जगन्नाथ ने अपने बेटे श्याम किशोर द्वारा मारपीट किए जाने से नाराज होकर अपनी जमीन बेटी पूजा के नाम वरासत कर दी थी। जगन्नाथ की मृत्यु के बाद, बेटे श्याम किशोर ने बहन के नाम की गई जमीन की वरासत अपने नाम करवा ली और उसे गांव की ही रामपता को बेच दिया। दाखिल खारिज न होने के कारण रामपता ने पहले नायब तहसीलदार कटरा कोर्ट में वाद दाखिल किया था। वहां से समस्या का समाधान न होने पर रामपता ने एसडीएम न्यायालय कर्नलगंज में दाखिल खारिज के लिए अपील की थी। इसी अपील की सुनवाई के लिए एसडीएम नेहा मिश्रा राजस्व विभाग की टीम के साथ भदैया गांव पहुंची थीं। ग्रामीणों के सुझाव पर उन्होंने विवादित खेत में ही चौपाल लगाकर दोनों पक्षों की समस्याएं सुनीं। चौपाल के दौरान, रामपता ने कागजात प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का समय मांगा। एसडीएम ने पूजा को आश्वासन दिया कि उनके न्यायालय में चल रहे दाखिल खारिज अपील मामले का निस्तारण पांच दिन के भीतर कर दिया जाएगा। एसडीएम के इस अनूठे अंदाज की अब क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है, जिससे तीन साल पुराना यह विवाद अब समाधान के करीब पहुंच गया है। एसडीएम ने कहा कि गांव के लोगों ने भी पूजा के भाई द्वारा रामपता को किए गए बैनामे का विरोध किया है लेकिन कानूनी तौर पर जो होगा वह हम लोगों द्वारा किया जाएगा।

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